दुबई एयर शो 2025 में भारत की शानदार रक्षा और एयरोस्पेस प्रदर्शनी
भारत ने दुबई एयर शो 2025 में अपने रक्षा और विमानन कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। 17 से 18 नवम्बर तक अल मकतूम एयरबेस पर आयोजित इस शो में भारत ने अपनी तकनीकी प्रगति, हवाई कौशल और वैश्विक एयरोस्पेस क्षेत्र में बढ़ती उपस्थिति को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। यह आयोजन भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग और निवेश को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है।
उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संभाली भारत की भागीदारी
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। प्रतिनिधिमंडल में रक्षा और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान यूएई के समकक्ष मंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक और भारत सहित कई देशों की कंपनियों के साथ एक औद्योगिक गोलमेज चर्चा का आयोजन भी निर्धारित किया गया है। इस गोलमेज बैठक का उद्देश्य रक्षा उत्पादन में गहरी साझेदारी को बढ़ावा देना है।
‘इंडिया पैविलियन’ में दिखी स्वदेशी ताकत
इस एयर शो में भारत ने एक समर्पित ‘इंडिया पैविलियन’ स्थापित किया है, जिसमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), कोरल टेक्नोलॉजीज, डैंटल हाइड्रॉलिक्स, इमेज सिनर्जी एक्सप्लोर और एसएफओ टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियों के उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, भारत की 19 प्रमुख रक्षा कंपनियाँ जिनमें भारत फोर्ज, ब्रह्मोस, टेक महिंद्रा और एचबीएल इंजीनियरिंग शामिल हैं अपने-अपने बूथों पर स्वतंत्र रूप से उत्पादों का प्रदर्शन कर रही हैं। साथ ही 15 भारतीय स्टार्टअप्स ने भी एयरोस्पेस और रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपने नवाचार प्रस्तुत किए हैं।
भारतीय वायुसेना की हवाई प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र
भारतीय वायुसेना का सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम और स्वदेशी लड़ाकू विमान एलसीए तेजस इस शो के मुख्य आकर्षण रहे। सूर्यकिरण टीम, जो नौ हॉक Mk-132 विमानों के साथ उड़ान भरती है, एशिया की एकमात्र नौ-विमान एरोबैटिक टीम है। 1996 में गठित इस टीम ने अब तक 500 से अधिक शानदार प्रदर्शन किए हैं। उनके सटीक लूप्स, रोल्स और समन्वित क्रॉसओवर गतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम की स्थापना 1996 में हुई और यह नौ हॉक Mk-132 विमानों का उपयोग करती है।
- दुबई एयर शो में 150 देशों से लगभग 1,500 प्रदर्शक और 1,48,000 पेशेवर शामिल हुए हैं।
- 19 भारतीय कंपनियाँ और 15 स्टार्टअप्स इस कार्यक्रम में भाग ले रही हैं।
- एलसीए तेजस भारत की स्वदेशी लड़ाकू विमान क्षमता का प्रतिनिधित्व करता है।
वैश्विक एयरोस्पेस सहयोग की दिशा में भारत का कदम
दुबई एयर शो में एयरबस, एम्ब्रेयर और लॉकहीड मार्टिन जैसे प्रमुख वैश्विक एयरोस्पेस दिग्गज भी भाग ले रहे हैं। ऐसे में भारत की मजबूत उपस्थिति यह संदेश देती है कि वह रक्षा उत्पादन, तकनीकी सहयोग और विमानन उत्कृष्टता के क्षेत्र में विश्वस्तरीय भागीदारी के लिए तैयार है। इस आयोजन के माध्यम से भारत ने न केवल अपनी आत्मनिर्भरता का प्रदर्शन किया, बल्कि वैश्विक रक्षा उद्योग में अपनी बढ़ती भूमिका को भी सशक्त रूप से स्थापित किया है।