दिसंबर 2025 में दोहा में होगा पहला अंतरराष्ट्रीय सैन्य संगीत महोत्सव
कतर दिसंबर 2025 में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय सैन्य संगीत और मार्चिंग महोत्सव “दोहा टैटू” (Doha Tattoo) आयोजित करने जा रहा है। 16 से 20 दिसंबर तक कतारा सांस्कृतिक ग्राम (Katara Cultural Village) में होने वाला यह आयोजन देश के सांस्कृतिक कैलेंडर में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य परंपरा, अनुशासन और कला के वैश्विक आदान-प्रदान को एक मंच पर लाना है।
उद्घाटन संस्करण और उसका महत्व
यह महोत्सव महामहिम शेख खलीफा बिन हमद बिन खलीफा अल थानी के संरक्षण में आयोजित किया जा रहा है। इसे कतर की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत करने वाला आयोजन माना जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, “दोहा टैटू” सैन्य संगीत कला, राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक विविधता का उत्सव है, जो कतर को वैश्विक सांस्कृतिक महोत्सवों के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
वैश्विक भागीदारी और प्रस्तुतियाँ
पांच दिवसीय इस महोत्सव में सात देशों की सैन्य मार्चिंग और संगीत बैंड्स हिस्सा लेंगी। इन प्रस्तुतियों में विभिन्न देशों की संगीत परंपराओं का संगम दिखेगा, लेकिन कार्यक्रम की आत्मा कतरी संस्कृति से प्रेरित होगी। बैंड्स अनुशासित फॉर्मेशन, रचनात्मक कोरियोग्राफी और उच्च गुणवत्ता वाले संगीत प्रदर्शन के माध्यम से सैन्य संगीत की कलात्मकता को नए आयाम देंगे।
सांस्कृतिक दृष्टि और उद्देश्य
“दोहा टैटू” का उद्देश्य विरासत और आधुनिक नवाचार को एक साथ प्रस्तुत करना है। यह मंच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा, सैन्य परंपराओं के प्रति सम्मान और वैश्विक समझ को प्रोत्साहित करेगा। अधिकारी इस आयोजन को कतर की सांस्कृतिक खुलापन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रति सौहार्द का प्रतीक मानते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- “दोहा टैटू” 16 से 20 दिसंबर 2025 तक आयोजित होगा।
- आयोजन स्थल दोहा का कतारा सांस्कृतिक ग्राम (Katara Cultural Village) है।
- सात देशों की सैन्य बैंड्स इस महोत्सव में भाग लेंगी।
- आयोजन महामहिम शेख खलीफा बिन हमद बिन खलीफा अल थानी के संरक्षण में होगा।
भविष्य की रूपरेखा
आयोजक इस महोत्सव को हर वर्ष आयोजित करने की योजना बना रहे हैं, जिससे यह कतर के सांस्कृतिक परिदृश्य का स्थायी हिस्सा बन सके। उद्घाटन संस्करण से उम्मीद की जा रही है कि यह सैन्य अनुशासन, कलात्मक उत्कृष्टता और सांस्कृतिक एकता का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करेगा जो आने वाले वर्षों के लिए एक मानक स्थापित करेगा।