दिल्ली मेट्रो में नए कॉरिडोर का उद्घाटन, भारत की पहली रिंग मेट्रो शुरू

दिल्ली मेट्रो में नए कॉरिडोर का उद्घाटन, भारत की पहली रिंग मेट्रो शुरू

भारत की राजधानी दिल्ली में शहरी परिवहन को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया, जिनमें भारत की पहली पूर्ण रूप से संचालित ‘रिंग मेट्रो’ भी शामिल है। इस विस्तार में पिंक लाइन का माजलिस पार्क–मौजपुर-बाबरपुर कॉरिडोर और मैजेंटा लाइन का दीपली चौक–माजलिस पार्क विस्तार शामिल है। इन नई परियोजनाओं से उत्तर और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के बीच संपर्क बेहतर होगा और शहर के मेट्रो नेटवर्क को और मजबूती मिलेगी।

पिंक लाइन से बनी भारत की पहली रिंग मेट्रो

माजलिस पार्क–मौजपुर-बाबरपुर कॉरिडोर लगभग 12.3 किलोमीटर लंबा है और इसमें कई एलिवेटेड स्टेशन शामिल हैं। इस नए हिस्से के जुड़ने से पिंक लाइन की कुल लंबाई लगभग 71.56 किलोमीटर हो गई है। यह लाइन अब दिल्ली के कई हिस्सों को जोड़ते हुए एक लूप या रिंग का रूप ले चुकी है, जिससे यह भारत की पहली परिचालित रिंग मेट्रो बन गई है।

इस कॉरिडोर में माजलिस पार्क, बुराड़ी, झरोदा माजरा, जगतपुर-वजीराबाद, सूरघाट, नानकसर-सोनिया विहार, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार और मौजपुर-बाबरपुर जैसे स्टेशन शामिल हैं। इस मार्ग की एक विशेष इंजीनियरिंग उपलब्धि यमुना नदी पर बना पुल और एक डबल-डेकर वायाडक्ट है, जिसमें ऊपर मेट्रो ट्रैक और नीचे सड़क फ्लाईओवर बनाया गया है।

मैजेंटा लाइन का उत्तर दिल्ली में विस्तार

प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटित दूसरा कॉरिडोर मैजेंटा लाइन का दीपली चौक–माजलिस पार्क विस्तार है, जिसकी लंबाई लगभग 9.9 किलोमीटर है। यह एलिवेटेड कॉरिडोर कई महत्वपूर्ण स्टेशनों को जोड़ता है, जिनमें दीपली चौक, मधुबन चौक, उत्तर पीतमपुरा-प्रशांत विहार, हैदरपुर विलेज, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा और माजलिस पार्क शामिल हैं।

इस विस्तार के बाद मैजेंटा लाइन की कुल लंबाई लगभग 49 किलोमीटर हो गई है। इस मार्ग के कुछ हिस्से जमीन से करीब 28.36 मीटर की ऊंचाई तक बने हैं, जिससे यह दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सबसे ऊंचे एलिवेटेड सेक्शनों में से एक बन गया है।

फेज-5 के तहत नए मेट्रो कॉरिडोर की योजना

इन परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री ने दिल्ली मेट्रो के फेज-5 (ए) विस्तार योजना के तहत तीन नए कॉरिडोर की आधारशिला भी रखी। इनमें रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक का अंडरग्राउंड सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर शामिल है।

इसके अलावा गोल्डन लाइन के दो विस्तार भी प्रस्तावित हैं—एक एरोसिटी से इंदिरा गांधी घरेलू हवाई अड्डा टर्मिनल-1 तक और दूसरा तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक। ये नए कॉरिडोर दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने में मदद करेंगे।

शहरी परिवहन पर प्रभाव

नई मेट्रो लाइनों से दिल्ली के आवासीय क्षेत्रों, व्यावसायिक केंद्रों और प्रमुख परिवहन हब के बीच कनेक्टिविटी में काफी सुधार होने की उम्मीद है। आने वाला सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, इंडिया गेट और भारत मंडपम जैसे महत्वपूर्ण सरकारी और सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ेगा।

वहीं गोल्डन लाइन के विस्तार से हवाई अड्डे तक पहुंच आसान होगी और दिल्ली, नोएडा तथा आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन बेहतर होगा। इससे शहर की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • दिल्ली मेट्रो दुनिया के सबसे बड़े मेट्रो रेल नेटवर्क में से एक मानी जाती है।
  • पिंक लाइन अब भारत की पहली परिचालित रिंग मेट्रो कॉरिडोर बन गई है।
  • दिल्ली मेट्रो परियोजना का संचालन और विकास दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा किया जाता है।
  • मेट्रो रेल प्रणाली को टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल शहरी परिवहन का महत्वपूर्ण साधन माना जाता है।

दिल्ली मेट्रो के इन नए कॉरिडोर से राजधानी की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी, कम यात्रा समय और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था के कारण यह परियोजना दिल्ली के शहरी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Originally written on March 8, 2026 and last modified on March 8, 2026.

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