दिल्ली में ‘सीएम जन सुनवाई पोर्टल’ लॉन्च, डिजिटल शिकायत निवारण को मिली नई दिशा

दिल्ली में ‘सीएम जन सुनवाई पोर्टल’ लॉन्च, डिजिटल शिकायत निवारण को मिली नई दिशा

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नागरिकों को ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा देने हेतु ‘सीएम जन सुनवाई पोर्टल’ और मोबाइल एप लॉन्च किया है। इस पहल का उद्देश्य तकनीक-आधारित ढांचे के माध्यम से शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। इसके साथ ही सरकार ने ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं को उन्नत किया तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), वंचित समूह (डीजी) और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) के लिए स्कूल प्रवेश प्रणाली को भी संशोधित किया। ये सभी कदम सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की डिजिटल गवर्नेंस पहल के अंतर्गत उठाए गए हैं।

एकीकृत शिकायत निवारण मंच

सीएम जन सुनवाई पोर्टल को सभी सरकारी विभागों से संबंधित शिकायतों के लिए एकीकृत मंच के रूप में तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व प्रणाली में शिकायतों के स्थानांतरण के बावजूद जवाबदेही स्पष्ट नहीं होती थी। नई प्रणाली में शिकायत, क्षेत्राधिकार और संबंधित अधिकारी की पूर्व-मैपिंग की गई है, जिससे निगरानी सुदृढ़ होगी।

नागरिक चार माध्यमों से शिकायत दर्ज कर सकते हैं—ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल एप, कॉल सेंटर (1902) और मुख्यमंत्री कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन। यह बहु-चैनल व्यवस्था आम नागरिकों के लिए पहुंच को आसान बनाती है।

तीन-स्तरीय जवाबदेही तंत्र

नई प्रणाली में तीन-स्तरीय शिकायत निवारण तंत्र लागू किया गया है। पहले स्तर पर शिकायत निवारण अधिकारी, दूसरे स्तर पर अपीलीय प्राधिकारी और आवश्यकता होने पर अंतिम अपीलीय प्राधिकारी शिकायत का निस्तारण करेंगे।

प्रत्येक शिकायत को एक विशिष्ट संदर्भ संख्या (रेफरेंस आईडी) दी जाएगी और हर चरण की जानकारी एसएमएस के माध्यम से नागरिकों को भेजी जाएगी। यदि समाधान से असंतोष व्यक्त किया जाता है, तो मामला स्वतः उच्च स्तर पर भेज दिया जाएगा। यह फीडबैक-आधारित निगरानी मॉडल जमीनी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। डिजिटल मंच के साथ भौतिक जन सुनवाई सत्र भी जारी रहेंगे।

ईडब्ल्यूएस प्रवेश और ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं में सुधार

सरकार ने ईडब्ल्यूएस, डीजी और सीडब्ल्यूएसएन छात्रों के प्रवेश हेतु पुराने सॉफ्टवेयर को हटाकर सुरक्षित क्लाउड-आधारित प्रणाली लागू की है। अब आधार-आधारित पहचान सत्यापन और जन्म प्रमाण पत्र की डिजिटल जांच अनिवार्य कर दी गई है। आय प्रमाण पत्र की भी ऑनलाइन सत्यापन व्यवस्था की गई है, जिससे दोहराव और धोखाधड़ी रोकी जा सके।

ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं को दिल्ली के 7,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से जोड़ा गया है। आय, जाति, निवास, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र सहित 75 सेवाएं अब पोर्टल से जुड़ी हैं। इसके अतिरिक्त ‘सीएम प्रगति’ मंच के माध्यम से सरकारी भूमि और भवनों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया गया है, जिससे संपत्ति प्रबंधन और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सीएम जन सुनवाई पोर्टल दिल्ली में बहु-चैनल शिकायत पंजीकरण की सुविधा देता है।
  • यह तीन-स्तरीय शिकायत निवारण तंत्र और विशिष्ट शिकायत आईडी पर आधारित है।
  • ईडब्ल्यूएस प्रवेश के लिए आधार-आधारित सत्यापन अनिवार्य किया गया है।
  • दिल्ली में 7,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर संचालित हैं।

यह पहल दिल्ली में डिजिटल शासन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। तकनीकी एकीकरण, जवाबदेही तंत्र और पारदर्शी प्रक्रियाओं के माध्यम से सरकार नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने का प्रयास कर रही है।

Originally written on February 27, 2026 and last modified on February 27, 2026.

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