दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सुधार के बाद ग्रेप स्टेज-3 प्रतिबंध हटे
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण स्तर में सुधार के बाद सरकार ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत लागू स्टेज-3 प्रतिबंधों को हटा दिया है। इस निर्णय से वाहन चालकों, निर्माण कंपनियों और औद्योगिक क्षेत्रों को राहत मिली है, हालांकि प्रदूषण नियंत्रण के लिए स्टेज-1 और स्टेज-2 के नियम अभी भी प्रभावी रहेंगे।
वायु गुणवत्ता में सुधार से नीति परिवर्तन
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने दिल्ली की 24 घंटे की औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 327 दर्ज होने के बाद स्टेज-3 उपायों को वापस ले लिया। यह स्तर ‘बहुत खराब (Very Poor)’ श्रेणी में आता है, लेकिन ‘गंभीर (Severe)’ स्तर 401–450 से नीचे है, जिसके चलते कड़े प्रतिबंधों की आवश्यकता नहीं रही।ग्रेप प्रणाली प्रदूषण नियंत्रण के लिए चार चरणों में विभाजित है ‘Poor’, ‘Very Poor’, ‘Severe’ और ‘Severe Plus’। प्रत्येक चरण के अनुरूप अलग-अलग कार्रवाई और प्रतिबंध लागू किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य सर्दियों में बढ़ते प्रदूषण को रोकना है।
बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीज़ल वाहनों पर लगी रोक हटी
सबसे बड़ी राहत उन वाहन मालिकों को मिली है जिनके BS-III पेट्रोल और BS-IV डीज़ल वाहन अब फिर से सड़कों पर चल सकेंगे। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्टेज-1 और स्टेज-2 के नियम अभी भी लागू हैं। इनमें प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई, खुले में कचरा या पत्ते जलाने पर रोक, सड़क सफाई की निगरानी और अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार जैसे कदम शामिल हैं।
स्टेज-1 और स्टेज-2 के अंतर्गत जारी उपाय
स्टेज-1 के तहत निर्माण स्थलों पर सख्त धूल नियंत्रण, मैकेनिकल रोड स्वीपिंग, निरंतर पानी का छिड़काव और डीज़ल जेनरेटर के सीमित उपयोग जैसे प्रावधान लागू हैं।स्टेज-2 में इन उपायों को और कड़ा किया गया है नियम उल्लंघन पर भारी जुर्माना, पार्किंग शुल्क में वृद्धि, और निजी वाहनों के उपयोग को सीमित करने जैसे कदम शामिल हैं। इसके अलावा, प्रदूषण फैलाने से बचने के लिए बिजली आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- दिल्ली-एनसीआर में GRAP स्टेज-3 प्रतिबंध वापस लिए गए।
- दिल्ली का AQI 327 दर्ज हुआ, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है।
- BS-III पेट्रोल और BS-IV डीज़ल वाहनों पर लगी रोक हटाई गई।
- स्टेज-1 और स्टेज-2 के नियम अभी भी लागू रहेंगे।
सार्वजनिक परामर्श और सतर्कता
प्राधिकरणों ने नागरिकों से अपील की है कि वे निजी वाहनों का उपयोग कम करें और सार्वजनिक परिवहन का अधिक प्रयोग करें। निगरानी टीमें निर्माण स्थलों और मुख्य मार्गों पर सक्रिय हैं ताकि धूल, कचरे और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर नियंत्रण रखा जा सके।