थाईलैंड मास्टर्स में देविका सिहाग का जलवा: भारत को मिला नया बैडमिंटन सितारा

थाईलैंड मास्टर्स में देविका सिहाग का जलवा: भारत को मिला नया बैडमिंटन सितारा

भारत की युवा शटलर देविका सिहाग ने अपने करियर की सबसे बड़ी सफलता हासिल करते हुए थाईलैंड मास्टर्स 2026 में महिला एकल का BWF सुपर 300 खिताब जीत लिया। हरियाणा की 20 वर्षीय खिलाड़ी के लिए यह जीत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखी जा रही है, जिससे उनकी विश्व रैंकिंग और आत्मविश्वास दोनों को मजबूती मिली है।

फाइनल मुकाबले में दबदबा, फिर विरोधी का रिटायर होना

$250,000 पुरस्कार राशि वाले इस टूर्नामेंट के फाइनल में देविका की भिड़ंत मलेशिया की गो जिन वेई से हुई, जो दो बार की जूनियर वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी हैं। मुकाबले में देविका ने शानदार शुरुआत करते हुए 21-8, 6-3 की बढ़त बना ली थी, तभी गो जिन वेई हैमस्ट्रिंग चोट के कारण मैच से रिटायर हो गईं। इस निर्णय के साथ ही देविका ने अपने करियर का पहला BWF वर्ल्ड टूर सुपर 300 खिताब जीत लिया।

विश्व स्तर पर करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि

वर्तमान में विश्व रैंकिंग में नंबर 63 पर मौजूद देविका के लिए यह खिताब उनकी सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि है। इस जीत से उन्हें महत्वपूर्ण रैंकिंग अंक मिले हैं और यह संकेत भी मिला है कि अब वह नियमित रूप से सुपर 300 और उससे ऊपर के टूर्नामेंटों में मुकाबला करने के लिए तैयार हैं।

प्रशिक्षण और निरंतर प्रगति

देविका बेंगलुरु स्थित पदुकोण-ड्रविड सेंटर फॉर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस में उमेंद्र राणा के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेती हैं। उन्होंने इंडोनेशियाई कोच इरवान्स्याह आदि प्रतमा के साथ पी. वी. सिंधु के साथ भी अभ्यास किया है। उनकी प्रगति धीरे लेकिन स्थिर रही है, जो कि निरंतर मेहनत और तकनीकी सुधार का परिणाम है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • BWF सुपर 300 टूर्नामेंट्स, BWF वर्ल्ड टूर का हिस्सा होते हैं।
  • थाईलैंड मास्टर्स की कुल पुरस्कार राशि USD 250,000 है।
  • सुपर 300 खिताब, खिलाड़ियों को महत्वपूर्ण रैंकिंग अंक प्रदान करते हैं।
  • भारत में महिला एकल बैडमिंटन में नई प्रतिभाओं की गहराई बढ़ती जा रही है।

हालिया प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय पहचान

देविका ने अगस्त 2025 में मलेशिया इंटरनेशनल में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय खिताब जीता था और वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 में भारत को मिक्स्ड टीम ब्रॉन्ज मेडल दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह इंडोनेशिया मास्टर्स सुपर 100 में उपविजेता रही थीं और 2024 में चार फाइनल में पहुँचीं—स्वीडिश ओपन और पुर्तगाल इंटरनेशनल जीते, जबकि एस्टोनियन और डच इंटरनेशनल में उपविजेता रहीं।

देविका सिहाग की यह जीत भारत के उभरते बैडमिंटन परिदृश्य में एक सशक्त हस्ताक्षर है और भविष्य में उन्हें बड़े मंचों पर और सफलता मिलना तय प्रतीत होता है।

Originally written on February 1, 2026 and last modified on February 1, 2026.

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