त्रिपुरा का राज्य लोड डिस्पैच सेंटर बना पूर्वोत्तर का पहला ISO 27001:2022 प्रमाणित केंद्र
त्रिपुरा ने ऊर्जा क्षेत्र के प्रबंधन में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। त्रिपुरा राज्य विद्युत लोड डिस्पैच सेंटर (Tripura State Load Dispatch Centre) को अंतरराष्ट्रीय मानक ISO/IEC 27001:2022 प्रमाणन प्राप्त हुआ है, जिससे यह पूर्वोत्तर भारत का पहला ऐसा केंद्र बन गया है। यह प्रमाणन भारत के राष्ट्रीय पावर ग्रिड को साइबर खतरों से सुरक्षा प्रदान करने और डिजिटल अवसंरचना को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
पूर्वोत्तर में पहला ISO प्रमाणित लोड डिस्पैच सेंटर
यह केंद्र त्रिपुरा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी कॉरपोरेशन लिमिटेड (TSECL) के अंतर्गत संचालित होता है और राज्य की पावर ग्रिड व्यवस्था को रीयल-टाइम में नियंत्रित करने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ISO/IEC 27001:2022 प्रमाणन प्राप्त कर इस केंद्र ने अपने सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली (Information Security Management System – ISMS) को वैश्विक मानकों के अनुरूप स्थापित किया है। इससे त्रिपुरा ने पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों को पीछे छोड़ते हुए डिजिटल ऊर्जा संरचना को सुरक्षित करने में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है।
साइबर सुरक्षा और ग्रिड सुरक्षा पर केंद्रित पहल
पावर ग्रिड पर साइबर हमलों की वैश्विक बढ़ती घटनाओं को देखते हुए यह प्रमाणन विशेष महत्व रखता है। यह सुनिश्चित करता है कि लोड डिस्पैच सेंटर के कंप्यूटर नियंत्रित सिस्टम, डेटा नेटवर्क और परिचालन तकनीकें अनधिकृत पहुंच, डेटा चोरी और प्रणाली विफलता से सुरक्षित रहें। अधिकारियों के अनुसार यह पहल राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने और ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
तकनीक-आधारित ऊर्जा प्रबंधन पर सरकार का जोर
TSECL के 22वें स्थापना दिवस के अवसर पर त्रिपुरा के ऊर्जा मंत्री रतन लाल नाथ ने कहा कि यह प्रमाणन राज्य के आधुनिक और सुरक्षित बिजली प्रबंधन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे बिजली प्रणालियाँ अधिक डिजिटाइज्ड होती जा रही हैं, वैसे-वैसे साइबर सुरक्षा भी राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा का उतना ही महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है जितना कि भौतिक अवसंरचना।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ISO/IEC 27001:2022 सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली (ISMS) के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक है।
- लोड डिस्पैच सेंटर बिजली के रीयल-टाइम प्रवाह और ग्रिड स्थिरता का प्रबंधन करते हैं।
- साइबर सुरक्षा, राष्ट्रीय पावर ग्रिड की सुरक्षा का अभिन्न अंग बन चुकी है।
- राज्य विद्युत संस्थान ऊर्जा विभागों की नियामकीय निगरानी में कार्य करते हैं।
पूर्वोत्तर में ऊर्जा अवसंरचना के लिए महत्व
अधिकारियों के अनुसार, यह प्रमाणन अन्य पूर्वोत्तर राज्यों की विद्युत इकाइयों के लिए एक नया मानक स्थापित करता है। यह दर्शाता है कि राज्य संचालित संस्थान भी वैश्विक मानकों को अपनाकर अपनी कार्यक्षमता और लचीलापन मजबूत कर सकते हैं। यह उपलब्धि क्षेत्रीय और राष्ट्रीय ग्रिड ऑपरेटरों के साथ समन्वय और डेटा साझाकरण को बेहतर बनाएगी, जिससे बिजली अनुसूची और वितरण में अधिक दक्षता आएगी।
इस उपलब्धि के साथ त्रिपुरा ने पूर्वोत्तर भारत में तकनीक-आधारित ऊर्जा सुधारों में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।