तेलंगाना सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के अधिकारों के लिए नया कानून मंजूर किया

तेलंगाना सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के अधिकारों के लिए नया कानून मंजूर किया

तेलंगाना सरकार ने डिलीवरी सेवाओं, राइड-हेलिंग ऐप्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के अधिकारों और कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए एक ऐतिहासिक विधायी प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह कदम तेजी से बढ़ते डिजिटल कार्यबल के लिए औपचारिक सुरक्षा ढांचे की दिशा में राज्य की एक बड़ी नीति पहल मानी जा रही है।

नए कानून के प्रमुख प्रावधान

तेलंगाना गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स (पंजीकरण, सामाजिक सुरक्षा और कल्याण) अधिनियम, 2025” के तहत राज्य सरकार सभी गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स का एक समर्पित बोर्ड के माध्यम से पंजीकरण अनिवार्य करेगी। इस कानून का उद्देश्य संगठित निगरानी प्रणाली स्थापित कर इन कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा लाभों का अधिकार दिलाना है। इस बोर्ड में सरकार, कंपनियों और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, ताकि नीति-निर्माण में संतुलित भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

कल्याण कोष और शिकायत निवारण तंत्र

प्रस्तावित कानून के तहत एक वेलफेयर फंड बनाया जाएगा, जिससे श्रमिकों को सहायता योजनाओं और सुरक्षा पहलों का लाभ मिलेगा। साथ ही एक शिकायत निवारण तंत्र (Grievance Redressal Mechanism) भी स्थापित किया जाएगा, जिसके माध्यम से श्रमिक अपनी शिकायतें दर्ज कर शीघ्र समाधान पा सकेंगे। इस क्षेत्र में कार्यरत कंपनियों को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा, जो बोर्ड के साथ समन्वय करेगा और परिचालन संबंधी समस्याओं को उठाएगा।

श्रमिक संगठनों का समर्थन

तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे “रूपांतरकारी कदम” बताया है। यूनियन नेताओं ने कहा कि वे प्रशासन के साथ मिलकर इस कानून को प्रभावी रूप से लागू करने में सहयोग देंगे, ताकि डिलीवरी कर्मियों और ड्राइवरों जैसे श्रमिकों को बेहतर कार्य परिस्थितियाँ और सुरक्षा मिल सके।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • तेलंगाना कैबिनेट ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स अधिनियम, 2025 के प्रारूप को मंजूरी दी।
  • यह कानून श्रमिक पंजीकरण, सामाजिक सुरक्षा और वेलफेयर फंड की स्थापना का प्रावधान करता है।
  • इसमें शिकायत निवारण प्रणाली और कंपनी स्तर पर समन्वय अधिकारी नियुक्त करने की अनिवार्यता होगी।
  • इस कानून का उद्देश्य गिग वर्कर्स के अधिकारों को औपचारिक और कानूनी संरक्षण प्रदान करना है।

आगामी विधायी प्रक्रिया

सरकार इस विधेयक को आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत करेगी, जहाँ इसके पारित होने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि यह कानून राज्य में गिग अर्थव्यवस्था के लिए एक जवाबदेह और पारदर्शी ढांचा तैयार करेगा। इसके लागू होने से हजारों श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, स्थिरता और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित होगा जो डिजिटल युग में श्रम नीति के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

Originally written on November 18, 2025 and last modified on November 18, 2025.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *