तेलंगाना का “भारत फ्यूचर सिटी” प्रोजेक्ट: यूएई से अंतरराष्ट्रीय समर्थन
तेलंगाना ने अपनी प्रमुख शहरी विकास योजना भारत फ्यूचर सिटी के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन हासिल कर लिया है, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने इस परियोजना पर सहयोग करने पर सहमति जताई है। यह घोषणा वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम के दावोस सम्मेलन के दौरान हुई उच्च स्तरीय वार्ताओं के बाद की गई, जिससे यह प्रस्तावित नगर न केवल भारत का पहला नेट-ज़ीरो ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी बनने की दिशा में अग्रसर है, बल्कि राज्य की दीर्घकालिक आर्थिक योजना का एक केंद्रीय स्तंभ भी बन चुका है।
दावोस वार्ता और रणनीतिक समझ
दावोस में हुए वार्ता में एब्डुल्ला बिन तौक अल मर्री, यूएई के अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री, तथा ए. रेवंथ रेड्डी, जो तेलंगाना राइजिंग प्रतिनिधिमंडल के नेता थे, ने भाग लिया। बातचीत का मुख्य केंद्र बिंदु बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे और शहरी विकास में सहयोग था, जिसमें भारत फ्यूचर सिटी को प्राथमिक परियोजना के रूप में चिह्नित किया गया।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा पुष्टि की गई कि दोनों पक्षों ने इस परियोजना को विश्व-स्तरीय वैश्विक शहरी केंद्र के रूप में संयुक्त रूप से विकसित करने पर सहमति व्यक्त की है।
भारत फ्यूचर सिटी: दृष्टि और विस्तार
भारत फ्यूचर सिटी तेलंगाना की उस महत्वाकांक्षा का केंद्र है, जिसके तहत राज्य 2047 तक $3 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखता है। यह प्रस्तावित स्मार्ट शहर लगभग 30,000 एकड़ में फैला होगा और इसे एक सतत शहरी-औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
योजना में विभिन्न समर्पित क्षेत्रों का समावेश है, जैसे कि:
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा
- उत्पादन (मैन्युफैक्चरिंग)
- आवासीय और मनोरंजन क्षेत्र
इस परियोजना की संरचना ने नेट-ज़ीरो सिद्धांतों को अपनाया है, जिसका अर्थ है कि ऊर्जा उत्पादन, यातायात, और बुनियादी ढांचे में उत्सर्जन और अवशोषण का संतुलन सुनिश्चित करना। इसके तहत स्वच्छ ऊर्जा स्रोत, हरित गतिशीलता, और जलवायु-प्रतिरोधी बुनियादी ढांचा का समेकन शुरुआती चरण से ही किया जाएगा।
निवेश और वैश्विक साझेदारियां
परियोजना ने पहले ही कई वैश्विक कंपनियों का ध्यान खींचा है, जिनमें जापान की Marubeni और सिंगापुर स्थित Sembcorp जैसी संस्थाएँ शामिल हैं।
यूएई के मंत्री ने समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए दोनों पक्षों के अधिकारियों से मिलकर एक संयुक्त कार्य बल (Joint Task Force) गठित करने का प्रस्ताव भी रखा है।
साथ ही, सऊदी-आधारित Expertise नामक औद्योगिक समूह ने तेलंगाना के यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी के साथ साझेदारी करके पेट्रोकेमिकल्स, पावर, स्टील और जल उपचार जैसे क्षेत्रों के लिए 5,000 से अधिक पेशेवरों की वार्षिक भर्ती की योजना में सहयोग करने की रुचि जताई है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत फ्यूचर सिटी को प्रस्तावित भारत का पहला नेट-ज़ीरो ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी बताया गया है।
- यह परियोजना तेलंगाना के $3 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था लक्ष्य के केंद्र में है।
- नेट-ज़ीरो शहरों का लक्ष्य ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को अवशोषण के साथ संतुलित करना होता है।
- वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम (दावोस) अक्सर अंतरराष्ट्रीय निवेश साझेदारी और रणनीतिक समझौते का मंच प्रदान करता है।
कौशल, स्थिरता और भविष्य की दिशा
तेलंगाना प्रतिनिधिमंडल ने भविष्य के लिए तैयार कार्यबल निर्माण पर भी जोर दिया, जिसमें उद्योग-प्रधान कौशल प्रशिक्षण, प्रशिक्षु कार्यक्रम, और उद्यमिता पहल शामिल हैं। साथ ही, सतत कृषि और जलवायु समाधानों पर भी विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों की भी दिलचस्पी देखी गई।
यूएई साझेदारी न केवल परियोजना को गति देगी बल्कि तेलंगाना की व्यापक रणनीति को भी बल देगी, जिसका लक्ष्य सतत और समावेशी विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग का लाभ उठाना है।
भारत फ्यूचर सिटी योजना भारत और तेलंगाना के लिए आर्थिक, तकनीकी, और पर्यावरणीय दृष्टि से एक परिवर्तनकारी परियोजना के रूप में उभर रही है, जो दीर्घकालिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।