तुर्कमेनिस्तान में क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग और एक्सचेंज को वैधता: सख्त नियंत्रण वाले देश में आर्थिक बदलाव की आहट
दुनिया के सबसे अधिक नियंत्रण वाले देशों में से एक तुर्कमेनिस्तान ने 1 जनवरी 2026 को क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग और एक्सचेंज संचालन को औपचारिक रूप से वैध कर दिया है। यह निर्णय देश की आर्थिक नीतियों में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन को दर्शाता है, जो अब तक कड़े सरकारी नियंत्रण के लिए जाना जाता रहा है। इस नए कानून के तहत वर्चुअल संपत्तियों (Virtual Assets) को कानूनी ढांचे में शामिल कर लिया गया है, जिससे क्रिप्टो से जुड़ी गतिविधियों को एक विनियमित रूप दिया जा रहा है।
वर्चुअल संपत्तियों के लिए नया कानूनी ढांचा
राष्ट्रपति सरदार बर्डीमोहम्मेदोव द्वारा हस्ताक्षरित इस कानून के माध्यम से अब क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग और ट्रेडिंग को आधिकारिक मान्यता प्राप्त हो गई है। इस कानून के तहत क्रिप्टोकरेंसी को “वर्चुअल संपत्ति” के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जो सिविल कानून के तहत संचालित होंगी। हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि डिजिटल मुद्राओं को न तो वैध मुद्रा (legal tender) के रूप में और न ही प्रतिभूतियों (securities) के रूप में मान्यता दी जाएगी। इसका अर्थ है कि इनका उपयोग केवल परिसंपत्ति लेन-देन के सीमित और नियामित दायरे तक ही सीमित रहेगा।
लाइसेंसिंग प्रणाली और सेंट्रल बैंक की निगरानी
नए कानून की एक प्रमुख विशेषता यह है कि अब देश में क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए एक लाइसेंसिंग प्रणाली लागू होगी। सभी क्रिप्टो एक्सचेंज तुर्कमेनिस्तान के केंद्रीय बैंक की निगरानी में कार्य करेंगे, जिससे पारदर्शिता और नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। यह प्रणाली देश की पारंपरिक नियंत्रणवादी वित्तीय व्यवस्था के अनुरूप है, जिसमें स्वतंत्र डिजिटल वित्तीय गतिविधियों की कोई अनुमति नहीं है। यह कदम स्पष्ट करता है कि सरकार तकनीकी नवाचार को स्वीकार कर रही है, लेकिन पूर्ण डिजिटल स्वतंत्रता की अनुमति नहीं देने वाली है।
आर्थिक संदर्भ और रणनीतिक उद्देश्य
तुर्कमेनिस्तान की अर्थव्यवस्था मुख्यतः प्राकृतिक गैस निर्यात पर निर्भर है, जिसमें चीन इसका सबसे बड़ा खरीदार है। इसके अतिरिक्त, सरकार अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत को जोड़ने वाली गैस पाइपलाइन जैसी ऊर्जा विविधीकरण योजनाओं पर भी काम कर रही है। ऐसे परिप्रेक्ष्य में क्रिप्टो वैधीकरण को अर्थव्यवस्था के कुछ हिस्सों के आधुनिकीकरण के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, ताकि पारंपरिक ऊर्जा केंद्रित आय के अलावा अन्य संभावनाओं को भी तलाशा जा सके—वो भी बिना व्यापक नियंत्रण में ढील दिए।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- तुर्कमेनिस्तान ने जनवरी 2026 में क्रिप्टो माइनिंग और एक्सचेंज को वैधता दी।
- क्रिप्टोकरेंसी को सिविल कानून के तहत वर्चुअल संपत्ति के रूप में विनियमित किया गया है।
- डिजिटल मुद्राओं को कानूनी मुद्रा या प्रतिभूति का दर्जा प्राप्त नहीं है।
- सभी क्रिप्टो एक्सचेंजों को केंद्रीय बैंक द्वारा लाइसेंस प्राप्त और नियंत्रित किया जाएगा।
सीमित सुधारों के बीच एक नियंत्रित शुरुआत
क्रिप्टो वैधीकरण तुर्कमेनिस्तान द्वारा हाल के वर्षों में किए गए सीमित सुधारों की श्रृंखला का हिस्सा है। वर्ष 2024 में विदेशी नागरिकों के लिए ई-वीजा प्रणाली शुरू की गई थी, जिससे देश में प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाया गया था। 1991 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद से तुर्कमेनिस्तान ने यात्रा, सूचना प्रवाह और आर्थिक गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण बनाए रखा है। वर्तमान क्रिप्टो कानून यह संकेत देता है कि सरकार कुछ चुनिंदा आर्थिक क्षेत्रों में नवाचार को अनुमति दे रही है, लेकिन पूरी अर्थव्यवस्था को उदारीकरण की दिशा में ले जाने का कोई संकेत फिलहाल नहीं दिया गया है।
इस नियंत्रित शुरुआत के माध्यम से तुर्कमेनिस्तान एक ओर वैश्विक आर्थिक प्रवृत्तियों से जुड़ने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अपनी पारंपरिक शासन प्रणाली और राजनीतिक संरचना को सुरक्षित रखने का प्रयास भी कर रहा है।