ताइवान के निकट योनागुनी द्वीप पर जापान तैनात करेगा मध्यम दूरी की वायु रक्षा मिसाइलें
जापान ने मार्च 2031 तक योनागुनी द्वीप पर मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें तैनात करने की योजना की घोषणा की है। यह कदम दक्षिण-पश्चिमी रक्षा मोर्चे को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। योनागुनी जापान का सबसे पश्चिमी आबाद द्वीप है, जो ताइवान से केवल लगभग 110 किलोमीटर दूर स्थित है। ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच यह तैनाती भू-राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील मानी जा रही है।
योनागुनी का सामरिक महत्व
योनागुनी द्वीप ओकिनावा प्रान्त का हिस्सा है और पूर्वी चीन सागर के निकट स्थित है। साफ मौसम में यहां से ताइवान का तट दिखाई देता है। पिछले एक दशक में जापान ने इस दूरस्थ द्वीप को रणनीतिक सैन्य केंद्र में परिवर्तित किया है। वर्तमान में यहां जापान सेल्फ-डिफेंस फोर्स के लगभग 160 कर्मी तटीय निगरानी अभियानों में तैनात हैं।
ताइवान के समीप स्थित होने के कारण किसी भी संभावित क्षेत्रीय संघर्ष की स्थिति में जापान की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है, विशेषकर अमेरिका के साथ उसकी सुरक्षा संधि को देखते हुए।
मिसाइल प्रणाली की क्षमताएं
जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी ने बताया कि योनागुनी इकाई को मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली से सुसज्जित किया जाएगा। इसकी परिचालन सीमा लगभग 50 किलोमीटर बताई गई है।
यह प्रणाली 360 डिग्री ट्रैकिंग क्षमता से लैस होगी, जो एक साथ लगभग 100 लक्ष्यों की निगरानी कर सकती है और करीब 12 लक्ष्यों को एक साथ भेदने में सक्षम होगी। 2022 में योजना की घोषणा के बाद पहली बार तैनाती की समय-सीमा स्पष्ट की गई है।
चीन-जापान संबंधों में तनाव
यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब चीन और जापान के बीच कूटनीतिक तनाव जारी है। चीन ताइवान को अपना अलग हुआ प्रांत मानता है और बाहरी हस्तक्षेप का विरोध करता रहा है। जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाीची द्वारा ताइवान की सुरक्षा पर दिए गए हालिया वक्तव्यों ने भी संबंधों को प्रभावित किया है।
हालांकि चीन और जापान प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं, लेकिन ऐतिहासिक विवादों और पूर्वी चीन सागर में क्षेत्रीय दावों के कारण संबंध जटिल बने हुए हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- योनागुनी द्वीप ओकिनावा प्रान्त में स्थित जापान का सबसे पश्चिमी आबाद द्वीप है।
- जापान की सेल्फ-डिफेंस फोर्स संविधान के अनुच्छेद 9 के अंतर्गत संचालित होती है।
- ताइवान आधिकारिक रूप से ‘रिपब्लिक ऑफ चाइना’ कहलाता है, जबकि चीन इसे अपना हिस्सा मानता है।
- अमेरिका-जापान सुरक्षा संधि दोनों देशों के रक्षा सहयोग का आधार है।
योनागुनी पर मिसाइल तैनाती जापान की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति के बीच अपनी प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत कर रहा है। इस कदम से ताइवान के निकट निगरानी और सुरक्षा तैयारियों को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय सुरक्षा संरचना में जापान की भूमिका और स्पष्ट होगी।