तमिलनाडु में स्थापित हुआ पहला डार्क स्काई पार्क

तमिलनाडु में स्थापित हुआ पहला डार्क स्काई पार्क

तमिलनाडु ने नमक्कल जिले के कोल्ली हिल्स स्थित अरियूर शोला आरक्षित वन में राज्य का पहला डार्क स्काई पार्क स्थापित किया है। यह पहल राज्य में एस्ट्रो-टूरिज्म यानी खगोलीय पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस सुविधा का उद्घाटन वन मंत्री आर. एस. राजकन्नप्पन ने चेन्नई से किया। घने वन क्षेत्र में स्थित यह पार्क सितारों, ग्रहों, चंद्रमा और मिल्की वे आकाशगंगा जैसे खगोलीय पिंडों को स्पष्ट रूप से देखने का अवसर प्रदान करेगा। इस स्थान का चयन विस्तृत पारिस्थितिक और आकाशीय दृश्यता अध्ययन के बाद किया गया है।

रणनीतिक स्थान और आधारभूत संरचना

कोल्ली हिल्स को इस परियोजना के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि यह ऊंचाई पर स्थित है, जहां घना वन क्षेत्र और शहरी रोशनी का बहुत कम प्रभाव है। पार्क के चारों ओर लगभग 1.5 किलोमीटर के दायरे में कृत्रिम रोशनी नहीं है, जिससे आकाश को साफ और अंधकारमय बनाए रखने में मदद मिलती है। ऊंचाई और प्राकृतिक भू-आकृति भी बाहरी प्रकाश के हस्तक्षेप को कम करती है।

लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए इस पार्क में तीन आधुनिक दूरबीनें स्थापित की गई हैं। साथ ही यहां सौर ऊर्जा आधारित ढांचा तैयार किया गया है ताकि संचालन पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ बना रहे। यह केंद्र रात के समय तारों के अवलोकन के लिए और दिन के समय छात्रों, शोधकर्ताओं तथा पर्यटकों में वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाएगा।

संचालन योजना और पर्यटक प्रबंधन

यह पार्क मुख्य रूप से 15 जनवरी से 15 जून तक संचालित होगा, क्योंकि इस अवधि में आकाश लगभग छह महीने तक साफ रहता है। मानसून के दौरान इसे बंद रखा जाएगा। यहां महीने में दो से तीन बार विशेष तारामंडल अवलोकन सत्र और पूरी रात चलने वाले खगोलीय अवलोकन शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों को अमावस्या के समय आयोजित किया जाएगा ताकि आकाश की दृश्यता अधिक स्पष्ट रहे।

वन विभाग ने ‘ट्रेक तमिलनाडु’ के साथ साझेदारी की है, जिसने ‘स्टारवोयर्स’ नामक संस्था के साथ समझौता किया है। ये संस्थाएं खगोलीय कार्यक्रमों और रातभर चलने वाले अवलोकन शिविरों का आयोजन करेंगी। पर्यटकों के ठहरने के लिए अगया गंगई इको हट्स में आवास की व्यवस्था की गई है और परिवहन की सुविधा भी विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।

सुरक्षा और सतत पर्यटन

पार्क में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए मजबूत व्यवस्था की गई है। पार्क से लगभग 20 मीटर की दूरी पर एक निगरानी टावर बनाया गया है, जहां रात के समय वन विभाग का एक कर्मचारी तैनात रहेगा। पूरे क्षेत्र की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।

इसके अलावा दो इको डेवलपमेंट कमेटी के सदस्य पर्यटकों की सहायता और पार्क के संचालन में सहयोग करेंगे। इससे स्थानीय समुदाय को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे और संरक्षण गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • डार्क स्काई पार्क ऐसे क्षेत्र होते हैं जहां प्रकाश प्रदूषण न्यूनतम होता है और खगोलीय अवलोकन के लिए अनुकूल वातावरण मिलता है।
  • कोल्ली हिल्स तमिलनाडु के नमक्कल जिले में स्थित एक प्रसिद्ध पर्वतीय क्षेत्र है।
  • इस परियोजना में संरक्षण, इको-टूरिज्म और स्थानीय समुदाय की भागीदारी को एक साथ जोड़ा गया है।
  • वन क्षेत्रों में सौर ऊर्जा आधारित आधारभूत संरचना टिकाऊ पर्यटन मॉडल को बढ़ावा देती है।

तमिलनाडु का यह डार्क स्काई पार्क संरक्षण और पर्यटन के संतुलित मॉडल का उदाहरण है। नियंत्रित पर्यटक गतिविधियों, वैज्ञानिक शिक्षा और स्थानीय समुदाय के लिए आजीविका के अवसरों को जोड़ते हुए यह पहल प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ संवेदनशील वन पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने का प्रयास भी करती है।

Originally written on March 4, 2026 and last modified on March 4, 2026.

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