तमिलनाडु बना भारत का शीर्ष वस्त्र निर्यातक राज्य
भारत के वस्त्र उद्योग में तमिलनाडु ने एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए देश का सबसे बड़ा वस्त्र निर्यातक राज्य बनने का गौरव हासिल किया है। वित्त वर्ष 2024–25 में राज्य ने लगभग 7,997.17 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निर्यात के साथ अग्रणी स्थान प्राप्त किया। पिछले चार वर्षों में 29 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि ने इसे पारंपरिक रूप से मजबूत राज्यों जैसे गुजरात और महाराष्ट्र से आगे पहुंचा दिया है। यह उपलब्धि राज्य की मजबूत औद्योगिक संरचना और प्रभावी नीतियों का परिणाम मानी जा रही है।
निर्यात प्रदर्शन में निरंतर वृद्धि
वर्ष 2020–21 में तमिलनाडु का वस्त्र निर्यात लगभग 6,193 मिलियन डॉलर था, जो चार वर्षों में बढ़कर करीब 8 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। यह लगातार वृद्धि राज्य की उत्पादन क्षमता, बेहतर आपूर्ति श्रृंखला और निर्यातोन्मुख नीतियों को दर्शाती है। वर्तमान में तमिलनाडु का योगदान भारत के कुल वस्त्र निर्यात में लगभग 21.84 प्रतिशत है, जो इसकी मजबूत स्थिति को स्पष्ट करता है।
अन्य राज्यों के साथ तुलना
तमिलनाडु ने वस्त्र निर्यात के क्षेत्र में गुजरात और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। गुजरात लगभग 5,646.01 मिलियन डॉलर के निर्यात के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि महाराष्ट्र 3,831.29 मिलियन डॉलर के साथ तीसरे स्थान पर है। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि तमिलनाडु ने प्रतिस्पर्धा में बढ़त बनाते हुए अपना प्रभुत्व स्थापित किया है।
नीतिगत समर्थन और औद्योगिक ढांचा
तमिलनाडु की सफलता के पीछे सरकार और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राज्य सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास, कौशल प्रशिक्षण और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। इसके अलावा, राज्य में स्थापित वस्त्र उद्योग केंद्र, कुशल श्रमिकों की उपलब्धता और प्रभावी लॉजिस्टिक्स नेटवर्क ने भी इस प्रगति को गति दी है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- तमिलनाडु भारत का सबसे बड़ा वस्त्र निर्यातक राज्य है, जिसका योगदान 21 प्रतिशत से अधिक है।
- भारत का कुल वस्त्र निर्यात 2024–25 में लगभग 36 बिलियन डॉलर रहा।
- गुजरात और महाराष्ट्र क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
- राज्य स्तरीय नीतियां और बुनियादी ढांचा निर्यात वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
तमिलनाडु की यह उपलब्धि न केवल राज्य की आर्थिक प्रगति को दर्शाती है, बल्कि भारत के वस्त्र उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़ती मजबूती का भी संकेत देती है। भविष्य में नवाचार, उत्पादन क्षमता और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच को और सुदृढ़ बनाकर यह राज्य अपनी अग्रणी स्थिति को और मजबूत कर सकता है।