तमिलनाडु के ईवी उद्योग को सैमह्यून की नई फैक्ट्री से मिली बड़ी गति

तमिलनाडु के ईवी उद्योग को सैमह्यून की नई फैक्ट्री से मिली बड़ी गति

तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर क्षेत्र में कोरिया की कंपनी सैमह्यून (Samhyun) जल्द ही एक नई इलेक्ट्रिक वाहन मोटर कंपोनेंट निर्माण इकाई स्थापित करने जा रही है। यह कदम राज्य के तेजी से विकसित हो रहे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पारिस्थितिकी तंत्र को नया बल देगा और क्षेत्र को उन्नत ऑटोमोटिव निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

श्रीपेरंबुदूर में नई ईवी निर्माण इकाई की योजना

सैमह्यून ने अपनी नई इकाई के लिए टाटा केमिकल्स से 11 एकड़ औद्योगिक भूमि खरीदी है। यह संयंत्र चेन्नई के निकट श्रीपेरंबुदूर में स्थापित होगा, जहाँ से कंपनी इलेक्ट्रिक वाहन मोटर के घटकों का निर्माण करेगी। इस परियोजना का उद्देश्य घरेलू और वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रही ईवी सप्लाई चेन को मजबूत करना है। तमिलनाडु की उद्योग-अनुकूल नीतियाँ और सशक्त बुनियादी ढाँचा इस निवेश को और आकर्षक बनाते हैं।

जेएलएल ने निभाई अहम भूमिका

इस भूमि सौदे में रियल एस्टेट परामर्श कंपनी जेएलएल (JLL) ने लेनदेन सलाहकार की भूमिका निभाई। कंपनी ने कहा कि यह सौदा चेन्नई की बढ़ती प्रतिष्ठा को रेखांकित करता है, जो अब भारत के अग्रणी ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी हब के रूप में उभर रहा है। तमिलनाडु सरकार की औद्योगिक नीति और हरित ऊर्जा लक्ष्यों ने भी इस क्षेत्र को निवेशकों के लिए विशेष रूप से आकर्षक बनाया है।

सैमह्यून की तकनीकी विशेषज्ञता

साल 1988 में स्थापित सैमह्यून उन्नत स्मार्ट एक्टुएटर्स (Smart Actuators) और स्मार्ट पावर यूनिट्स (Smart Power Units) के डिज़ाइन और निर्माण में विशेषज्ञता रखती है। इन उत्पादों में मोटर, कंट्रोलर, रिड्यूसर और इन्वर्टर जैसी तकनीकों को एकीकृत किया जाता है, जिससे ये मॉड्यूलर सिस्टम बन जाते हैं। कंपनी के समाधान न केवल इलेक्ट्रिक वाहनों बल्कि स्वायत्त मोबिलिटी, इलेक्ट्रिक शिप्स और अर्बन एयर मोबिलिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में भी उपयोग किए जाते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सैमह्यून तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में ईवी मोटर कंपोनेंट प्लांट स्थापित कर रही है।
  • कंपनी ने टाटा केमिकल्स से 11 एकड़ औद्योगिक भूमि खरीदी है।
  • भूमि सौदे में जेएलएल (JLL) ने सलाहकार की भूमिका निभाई।
  • सैमह्यून स्मार्ट एक्टुएटर्स और स्मार्ट पावर यूनिट्स जैसी ई-मोबिलिटी तकनीकें बनाती है।

सैमह्यून का यह निवेश तमिलनाडु के ईवी निर्माण कॉरिडोर को और मजबूत करेगा, जहाँ पहले से ही कई वैश्विक ऑटोमोटिव कंपनियाँ सक्रिय हैं। इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, मूल्यवर्द्धन में वृद्धि होगी और श्रीपेरंबुदूर को अगली पीढ़ी की ऑटोमोटिव तकनीकों का प्रमुख केंद्र बनाने में मदद मिलेगी।

Originally written on November 14, 2025 and last modified on November 14, 2025.

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