तमिलनाडु की अर्बन ग्रीनिंग पॉलिसी: हरित और जलवायु-संवेदनशील शहरों की ओर एक कदम

तमिलनाडु की अर्बन ग्रीनिंग पॉलिसी: हरित और जलवायु-संवेदनशील शहरों की ओर एक कदम

तमिलनाडु सरकार ने हाल ही में चेन्नई में मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन द्वारा ‘अर्बन ग्रीनिंग पॉलिसी’ का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया। यह पहल ‘ग्रीन तमिलनाडु मिशन’ का हिस्सा है और इसका उद्देश्य राज्य में जलवायु-लचीले, रहने योग्य और नागरिक-केंद्रित शहरी विकास को प्रोत्साहित करना है। यह नीति शहरी पारिस्थितिकी को राज्य की शासन और योजना प्रक्रिया का अभिन्न अंग बनाती है।

शहरी हरित क्षेत्रों के लिए एकीकृत ढांचा

इस नीति के अंतर्गत एक व्यापक और एकीकृत ढांचा तैयार किया गया है, जो शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हरित आवरण की योजना, निर्माण, प्रबंधन और दीर्घकालिक रखरखाव से संबंधित है। यह नीति सभी शहरी स्थानीय निकायों (ULBs), विकास प्राधिकरणों और नामित अर्ध-शहरी क्षेत्रों पर लागू होती है। इसके अंतर्गत पार्क, सड़क किनारे वृक्षारोपण, शहरी वन, आर्द्रभूमि, नहर तट, औद्योगिक परिसर, शैक्षणिक संस्थान और आवासीय क्षेत्रों जैसे विविध भूमि उपयोग श्रेणियों में हरियाली को समाहित करने पर बल दिया गया है।

जलवायु लक्ष्यों और सतत विकास लक्ष्य 11 से मेल

यह नीति तमिलनाडु की जलवायु परिवर्तन दृष्टि और सतत विकास लक्ष्य (SDG) 11 – “सतत शहर और समुदाय” – के अनुरूप तैयार की गई है। ग्रीन तमिलनाडु मिशन के तहत राज्य की कुल हरित आच्छादन को 23.7% से बढ़ाकर 33% तक पहुँचाने का लक्ष्य है। नीति के माध्यम से शहरी योजनाओं में पारिस्थितिकी आधारित दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिसमें जलवायु शमन, अनुकूलन और जैव विविधता संरक्षण जैसे तत्वों को सम्मिलित किया गया है।

न्यूनतम हरित क्षेत्र और संस्थागत व्यवस्था

इस नीति के अनुसार प्रत्येक शहरी स्थानीय निकाय को अपने कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का कम से कम 15% भाग हरित आवरण में बनाए रखना होगा। इसके लिए हर नगर निकाय में विशेष “अर्बन फॉरेस्ट विंग” की स्थापना की जाएगी, जो क्रियान्वयन की निगरानी करेगी। नीति के अंतर्गत वित्तीय प्रावधानों को भी अनिवार्य किया गया है, जिसमें शहरी विकास बजट और परियोजना लागत का एक निश्चित हिस्सा हरियाली और परिदृश्य पुनर्स्थापन कार्यों के लिए आरक्षित किया जाएगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • तमिलनाडु की अर्बन ग्रीनिंग पॉलिसी हर ULB के लिए कम से कम 15% हरित क्षेत्र अनिवार्य करती है।
  • यह नीति SDG 11 (सतत शहर और समुदाय) के अनुरूप है।
  • ग्रीन तमिलनाडु मिशन का लक्ष्य राज्य में 33% हरित आवरण प्राप्त करना है।
  • नीति के अंतर्गत सिटी बायोडायवर्सिटी इंडेक्स जैसे सिंगापुर इंडेक्स को अपनाना अनिवार्य किया गया है।

डेटा-आधारित योजना और जैव विविधता एकीकरण

इस नीति के कार्यान्वयन और निगरानी के लिए वैज्ञानिक और स्थानिक आंकड़ों का उपयोग किया जाएगा, जिनमें सैटेलाइट इमेजरी, शहरी वृक्ष गणना, जियो-टैग की गई पौधारोपण सूचियाँ और डिजिटल डैशबोर्ड शामिल हैं। प्रत्येक शहर को अपना “अर्बन बायोडायवर्सिटी प्लान” और “ग्रीनिंग माइक्रो-प्लान” तैयार करना होगा। साथ ही सभी सरकारी विभागों को अपनी योजनाओं में पारिस्थितिकी को शामिल करना होगा और जल-हरित अवसंरचना जैसे तालाब, पोखर और नदी किनारे के क्षेत्र को संरक्षित करने हेतु समर्पित प्रयास करना होगा।

तमिलनाडु की यह पहल न केवल राज्य के पर्यावरणीय स्वास्थ्य को सुदृढ़ करेगी, बल्कि यह एक आदर्श मॉडल के रूप में अन्य राज्यों को भी हरित, जलवायु-संवेदनशील और नागरिक-केंद्रित शहरी विकास की दिशा में प्रेरित करेगी।

Originally written on February 6, 2026 and last modified on February 6, 2026.

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