तमिलनाडु का नया अंतरिक्ष केंद्र: भारत की एयरोस्पेस महत्वाकांक्षा को नई उड़ान

तमिलनाडु का नया अंतरिक्ष केंद्र: भारत की एयरोस्पेस महत्वाकांक्षा को नई उड़ान

तमिलनाडु सरकार ने अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाते हुए कुलसेकरपट्टिनम में प्रस्तावित इसरो प्रक्षेपण केंद्र के पास विशाल औद्योगिक पहल की शुरुआत की है। राज्य के स्वामित्व वाली तमिलनाडु इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (TIDCO) ने तूतीकोरिन जिले में अंतरिक्ष प्रणोदन, विनिर्माण और संबंधित सेवाओं के लिए विस्तृत भूमि आवंटित की है। यह कदम राज्य को भारत का अग्रणी एयरोस्पेस केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कुलसेकरपट्टिनम: भारत का दूसरा रॉकेट प्रक्षेपण केंद्र

कुलसेकरपट्टिनम में उभर रहा नया लॉन्च कॉम्प्लेक्स भारत का दूसरा रॉकेट प्रक्षेपण केंद्र होगा। इसका दक्षिणमुखी तटीय स्थान समुद्र के ऊपर सीधा प्रक्षेपण मार्ग प्रदान करता है, जो विशेष रूप से स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (SSLV) मिशनों के लिए उपयुक्त है। श्रीहरिकोटा की तुलना में यहां ईंधन-खपत वाली डॉगलेग (Dogleg) चाल की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे मिशन लागत लगभग एक-तिहाई तक कम हो सकती है।

विशेष प्रोपेलेंट पार्क और औद्योगिक सुविधाएँ

राज्य सरकार ने एक समर्पित स्पेस प्रोपेलेंट पार्क विकसित करने के लिए लगभग 25 किलोमीटर दूर भूमि चिह्नित की है ताकि ऊर्जावान सामग्रियों के प्रबंधन हेतु सुरक्षा मानकों का पालन किया जा सके। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने की संभावना है। इसके साथ ही, एक औद्योगिक पार्क भी विकसित किया जा रहा है जहाँ अंतरिक्ष क्षेत्र की सामान्य कंपनियाँ कार्य कर सकेंगी।

100 करोड़ रुपये का कॉमन फैसिलिटी सेंटर

ऑलिकुलम क्षेत्र में राज्य सरकार ने एक कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) के लिए भूमि आरक्षित की है, जिसकी स्वीकृत लागत 100 करोड़ रुपये है। यह केंद्र परीक्षण, सत्यापन और साझा विनिर्माण सेवाओं के लिए प्रमुख भूमिका निभाएगा। यह पहल तमिलनाडु की अद्यतन एयरोस्पेस और स्पेस इंडस्ट्री नीतियों के अंतर्गत उच्च-तकनीकी निवेश आकर्षित करने की दिशा में है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • कुलसेकरपट्टिनम से दक्षिण दिशा में सीधा प्रक्षेपण संभव है, जिससे ईंधन की बचत होती है।
  • कॉमन फैसिलिटी सेंटर के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत है।
  • तमिलनाडु का एयरोस्पेस कॉरिडोर पाँच नोड्स में फैला है – चेन्नई, कोयंबटूर, होसुर, सलेम और तिरुचिरापल्ली।
  • नए लॉन्च स्थल से प्रक्षेपण की लागत श्रीहरिकोटा की तुलना में लगभग 30% कम होगी।

रक्षा उद्योग में निवेश और सहयोग

तमिलनाडु रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर लगातार बड़े निवेश आकर्षित कर रहा है, और अब तक निर्धारित लक्ष्यों से अधिक निवेश धरातल पर उतर चुके हैं। कोयंबटूर में विश्वविद्यालय परिसर में उद्योग साझेदारों के साथ एक प्रमुख डिज़ाइन और उन्नत विनिर्माण केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जो 2026 की शुरुआत में संचालित होने की उम्मीद है।

Originally written on November 14, 2025 and last modified on November 14, 2025.

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