तमिलनाडु आश्वस्त पेंशन योजना से कर्मचारियों को बड़ी राहत
विधानसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए एक अहम सामाजिक सुरक्षा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने तमिलनाडु आश्वस्त पेंशन योजना (टैप्स) की घोषणा करते हुए अंतिम वेतन के 50 प्रतिशत के बराबर पेंशन की गारंटी दी है। इस घोषणा के बाद कर्मचारी संगठनों ने 6 जनवरी से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस ले ली, जिससे सरकार और कर्मचारियों के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव फिलहाल शांत हो गया।
तमिलनाडु आश्वस्त पेंशन योजना की प्रमुख विशेषताएं
टैप्स के तहत राज्य सरकार के कर्मचारी अपने मूल वेतन का 10 प्रतिशत पेंशन कोष में योगदान करेंगे, जबकि शेष राशि का भार राज्य सरकार वहन करेगी। यह व्यवस्था आंशिक रूप से पुरानी पेंशन योजना की ओर वापसी मानी जा रही है, जिसमें पेंशन का पूरा खर्च सरकार उठाती थी। योजना के अंतर्गत पेंशनभोगियों को हर छह महीने में महंगाई भत्ते की वृद्धि का लाभ भी मिलेगा, जो सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के समान होगा।
पेंशनभोगियों और परिवारों के लिए लाभ
इस योजना में पेंशनधारी की मृत्यु की स्थिति में परिवार को अंतिम पेंशन का 60 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन के रूप में देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, सेवा अवधि के आधार पर सेवानिवृत्ति या सेवा के दौरान मृत्यु होने पर अधिकतम 25 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी सुनिश्चित की गई है। टैप्स की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि न्यूनतम अर्हता अवधि पूरी न करने पर भी न्यूनतम पेंशन की गारंटी दी गई है। अंशदायी पेंशन योजना के अंतर्गत शामिल रहे और बिना पेंशन के सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को भी विशेष अनुकंपा पेंशन का लाभ मिलेगा।
राज्य की वित्तीय स्थिति पर प्रभाव
टैप्स के लागू होने से तमिलनाडु सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ने की संभावना है। अनुमान है कि सरकार को पेंशन कोष में एकमुश्त लगभग 13 हजार करोड़ रुपये का योगदान देना होगा, जबकि वार्षिक खर्च करीब 11 हजार करोड़ रुपये रहेगा, जो वेतन संशोधन के साथ बढ़ सकता है। पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के अनुसार राज्य पहले ही अपने राजस्व प्राप्तियों का लगभग 62 प्रतिशत वेतन, पेंशन और ब्याज जैसे प्रतिबद्ध खर्चों पर खर्च कर रहा है, जो इस योजना के बाद और बढ़ सकता है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और कर्मचारी संगठनों की प्रतिक्रिया
यह घोषणा कर्मचारी संगठनों की 23 वर्षों पुरानी पुरानी पेंशन योजना बहाली की मांग के संदर्भ में आई है। इस विषय पर आईएएस अधिकारी गगनदीप सिंह बेदी की अध्यक्षता में गठित समिति ने हाल ही में अपनी सिफारिशें सौंपी थीं। हालांकि 2021 के विधानसभा चुनाव में डीएमके ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का वादा किया था, लेकिन सरकार ने टैप्स को विकल्प के रूप में चुना है। जेक्टो-जीईओ के तहत कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया और मुख्यमंत्री से मिलकर आभार जताया। सूत्रों के अनुसार यह योजना आगामी विधानसभा चुनावों के बाद 1 जनवरी 2027 से लागू हो सकती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- टैप्स के तहत अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन सुनिश्चित की गई है।
- योजना में कर्मचारी अपने मूल वेतन का 10 प्रतिशत योगदान करेंगे।
- पेंशनभोगियों को वर्ष में दो बार महंगाई भत्ता मिलेगा।
- टैप्स से तमिलनाडु का प्रतिबद्ध व्यय बढ़ने की संभावना है।
कुल मिलाकर, तमिलनाडु आश्वस्त पेंशन योजना ने राज्य के कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा का भरोसा दिया है, वहीं सरकार के सामने वित्तीय संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी खड़ी कर दी है।