डॉ. अर्मिदा फर्नांडिस को पद्मश्री: नवजात चिकित्सा में अद्वितीय योगदान का सम्मान
प्रसिद्ध नवजात रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्मिदा फर्नांडिस को वर्ष 2026 के लिए चिकित्सा क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया है। यह घोषणा गृह मंत्रालय द्वारा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की गई। मुंबई में कार्यरत होने के बावजूद, यह सम्मान गोवा में भी व्यापक रूप से मनाया गया है, जहां उनके पारिवारिक मूल हैं। उनका कार्य neonatology, शिशु पोषण और मातृ स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में अत्यंत क्रांतिकारी रहा है।
एशिया का पहला मानव दूध बैंक: एक ऐतिहासिक पहल
डॉ. अर्मिदा फर्नांडिस ने 1989 में मुंबई के सायन स्थित लोकमान्य तिलक नगरपालिका सामान्य अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में एशिया का पहला मानव दूध बैंक स्थापित किया। उस समय यह अवधारणा इस क्षेत्र में लगभग अज्ञात थी। इस पहल ने समयपूर्व जन्मे और गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं के लिए जीवनरक्षक पोषण की व्यवस्था प्रदान की, जब माताएं स्वयं स्तनपान कराने में असमर्थ होती थीं। अस्पताल के आँकड़ों के अनुसार, यह दूध बैंक प्रतिवर्ष 3,000 से 5,000 बच्चों को लाभ पहुँचाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और व्यावसायिक यात्रा
डॉ. फर्नांडिस ने अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई हुबली से की और मुंबई के केईएम अस्पताल से स्नातकोत्तर शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने सायन अस्पताल में नवजात चिकित्सा विभाग की प्रमुख और बाद में डीन के रूप में सेवा दी। वर्ष 1999 में उन्होंने ‘स्नेहा’ (Society for Nutrition, Education and Health Action) नामक एक शहरी स्वास्थ्य संस्था की सह-स्थापना की, जो महाराष्ट्र की वंचित आबादी में मातृ और बाल स्वास्थ्य पर केंद्रित है।
स्तनपान और मातृ स्वास्थ्य की प्रबल समर्थक
चिकित्सकीय सेवा के बाहर भी, डॉ. फर्नांडिस ने तीन दशकों से अधिक समय तक स्तनपान और शिशु पोषण के प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभाई। वे यूनिसेफ की ‘बेबी-फ्रेंडली हॉस्पिटल इनिशिएटिव’ से घनिष्ठ रूप से जुड़ी रहीं और हमेशा प्रमाण-आधारित नवजात देखभाल की वकालत करती रहीं। उनके आरंभिक प्रयासों में यह शामिल था कि माताओं को नवजात गहन देखभाल इकाइयों (NICU) में बच्चों के पास रहने और देखभाल करने की अनुमति दी जाए। इस बदलाव से सार्वजनिक अस्पतालों में नवजात मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- पद्मश्री भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
- एशिया का पहला मानव दूध बैंक 1989 में मुंबई में स्थापित किया गया।
- मानव दूध बैंक समयपूर्व और गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं को सहायता प्रदान करता है।
- ‘बेबी-फ्रेंडली हॉस्पिटल इनिशिएटिव’ यूनिसेफ और WHO द्वारा प्रोत्साहित किया जाता है।
डॉ. अर्मिदा फर्नांडिस को एक दूरद्रष्टा चिकित्सक माना जाता है, जिन्होंने अस्पतालों की दीवारों से बाहर निकलकर समाज के वंचित तबकों में स्वास्थ्य सेवा पहुंचाई। कम लागत वाली सरल पहलों के माध्यम से उन्होंने नवजात मृत्यु दर में भारी कमी लाई और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को एक नई दिशा दी। पद्मश्री सम्मान उनके समर्पण, सेवा और चिकित्सा क्षेत्र में स्थायी योगदान का सच्चा प्रमाण है।