डी’फ्यूचर 2026: हैदराबाद में IIM उदयपुर द्वारा आयोजित डिजिटल भारत की दिशा में प्रेरक सम्मेलन

डी’फ्यूचर 2026: हैदराबाद में IIM उदयपुर द्वारा आयोजित डिजिटल भारत की दिशा में प्रेरक सम्मेलन

भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) उदयपुर ने हैदराबाद में D’Future – इंडिया डिजिटल कॉन्क्लेव 2026 के तीसरे संस्करण की मेजबानी की, जिसमें सरकार, शिक्षा जगत, उद्योग, स्टार्टअप और खेल जगत से जुड़े अनेक दिग्गजों ने भाग लिया। यह सम्मेलन डिजिटल प्रौद्योगिकियों के माध्यम से भारत की आर्थिक वृद्धि, प्रणालीगत लचीलापन और समावेशी राष्ट्र निर्माण पर केंद्रित रहा।

प्रौद्योगिकी-संचालित शिक्षा का दृष्टिकोण

कॉन्क्लेव का उद्घाटन IIM उदयपुर के निदेशक प्रो. अशोक बनर्जी ने किया। उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उन्नत तकनीकों में प्रशिक्षित पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। IIM उदयपुर इस मांग को ध्यान में रखते हुए टेक्नोलॉजी-केंद्रित विशेष MBA कार्यक्रम चला रहा है, जो वैश्विक उद्योग आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण और अनुसंधान को तैयार करता है। साथ ही, उन्होंने भारत के प्रमुख शहरों में उद्योग–शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने की रणनीति पर भी प्रकाश डाला।

डिजिटल शासन और राज्य आधारित नवाचार

तेलंगाना सरकार के विशेष मुख्य सचिव जयेश रंजन ने मुख्य भाषण में डिजिटल इंडिया पहल के एक दशक की यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने राज्य में की गई तकनीक-संचालित सुधारों की जानकारी दी जैसे कि ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क, डिजिटाइज्ड सार्वजनिक सेवाएं, और कृषि तथा ग्रामीण विकास में टेक्नोलॉजी का उपयोग। उन्होंने जोर दिया कि सरकार, शिक्षण संस्थानों और स्वतंत्र संगठनों के बीच सहयोग ही नवोन्मेष और सतत विकास का आधार बन सकता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सामाजिक मूल्य

कार्नेगी मेलॉन विश्वविद्यालय के डीन एमेरिटस प्रो. रमैय्या कृष्णन ने AI द्वारा उत्पन्न सामाजिक और व्यावसायिक मूल्यों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार AI का प्रयोग बहुभाषीय संवाद, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा में किया जा रहा है, विशेषकर गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि तकनीक को अपनाने के साथ-साथ वर्कफोर्स को अपस्किल करना, AI गवर्नेंस और संस्थागत प्रक्रियाओं का पुनर्रचना आवश्यक है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • डिजिटल इंडिया पहल का उद्देश्य शासन में डिजिटल बुनियादी ढांचे और सेवाओं के माध्यम से परिवर्तन लाना है।
  • AI का प्रयोग प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा और आपदा प्रबंधन में किया जा रहा है।
  • ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी ग्रामीण डिजिटल समावेशन की कुंजी है।
  • भारत की डिजिटल क्रांति में सार्वजनिक–निजी साझेदारी का अहम योगदान है।

नवाचार, लचीलापन और भविष्य की दिशा

सम्मेलन में कई सत्रों का आयोजन हुआ जिनमें समावेशी राष्ट्र निर्माण, रेलवे मंत्रालय की गति शक्ति योजना से कॉर्पोरेट सफलता की कहानियाँ, और छात्रों द्वारा विकसित AI-आधारित आपूर्ति श्रृंखला समाधानों को प्रदर्शित किया गया। एक विशेष संवाद में डेटा विश्लेषण और तकनीक के खेल प्रदर्शन और जमीनी समावेशन से जुड़ाव पर चर्चा हुई।

D’Future 2026 के माध्यम से IIM उदयपुर ने तकनीक, नीति और समाज के संगम पर संवाद और सहयोग के उत्प्रेरक के रूप में अपनी भूमिका को पुनः स्थापित किया। यह सम्मेलन भारत के डिजिटल भविष्य की दिशा में एक प्रेरक कदम साबित हुआ।

Originally written on February 3, 2026 and last modified on February 3, 2026.

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