डीप-टेक स्टार्टअप्स को बढ़ावा: औद्योगिक अनुसंधान में मान्यता के लिए तीन-वर्षीय शर्त समाप्त

डीप-टेक स्टार्टअप्स को बढ़ावा: औद्योगिक अनुसंधान में मान्यता के लिए तीन-वर्षीय शर्त समाप्त

केंद्र सरकार ने डीप-टेक स्टार्टअप्स (Deep-Tech Startups) को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार किया है। अब औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास संवर्धन कार्यक्रम (IRDP) के तहत मान्यता प्राप्त करने के लिए तीन वर्षों का न्यूनतम अस्तित्व (existence) अनिवार्य नहीं रहेगा।

इस निर्णय का उद्देश्य प्रारंभिक चरण के नवाचारों को गति देना, और अनुसंधान आधारित स्टार्टअप्स को शीघ्र संस्थागत समर्थन प्रदान करना है।

DSIR स्थापना दिवस पर प्रमुख घोषणा

नई दिल्ली में आयोजित वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) के 41वें स्थापना दिवस पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह कदम सरकार की भारतीय नवाचारकर्ताओं पर विश्वास और दीर्घकालिक स्थायित्व में आस्था का परिचायक है।

यह सुधार उन स्टार्टअप्स को बड़ी राहत देगा जो गहन अनुसंधान (high R&D intensity), लंबे विकास चक्र, और अधिक पूंजी निवेश के चलते आरंभिक चरण में ही समर्थन की आवश्यकता रखते हैं।

नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में नई गति

मंत्री ने बताया कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए संरचनात्मक सुधारों की श्रृंखला का हिस्सा है, जैसे न्यूक्लियर और स्पेस क्षेत्र का निजी क्षेत्र के लिए खोलना

सरकार अब उभरती रणनीतिक प्रौद्योगिकियों के लिए इनोवेशन इकोसिस्टम को तैयार करने के लिए तेज़ी से कदम उठा रही है, जिससे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में परिवर्तन को मजबूती मिलेगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • DSIR (Department of Scientific and Industrial Research) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
  • IRDP (Industrial Research and Development Promotion Programme) औद्योगिक अनुसंधान व नवाचार को बढ़ावा देता है।
  • अब डीप-टेक स्टार्टअप्स को IRDP मान्यता के लिए 3 वर्षों के अस्तित्व की अनिवार्यता नहीं है।
  • यह सुधार प्रारंभिक चरण के व्यावसायीकरण (early-stage commercialisation) को बढ़ावा देगा।

अनुसंधान और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त करने की पहल

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कई नई पहलें भी शुरू कीं, जिनमें शामिल हैं:

  • इन-हाउस आरएंडडी केंद्रों की मान्यता के लिए नई गाइडलाइंस
  • डीप-टेक स्टार्टअप्स केंद्रों की स्थापना
  • PRISM नेटवर्क प्लेटफॉर्म TOCIC Innovator Pulse का शुभारंभ
  • PRISM योजना के तहत Creative India 2025 कार्यक्रम की शुरुआत

इन पहलों का उद्देश्य उद्योग और अकादमिक संस्थानों के बीच सहयोग को गहरा करना, स्वदेशी अनुसंधान को बढ़ावा देना, और भारत को वैश्विक नवाचार भागीदार के रूप में स्थापित करना है।

यह कदम भारत को गहन प्रौद्योगिकी नवाचारों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

Originally written on January 7, 2026 and last modified on January 7, 2026.

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