जेम पोर्टल ने हासिल किया 18.4 लाख करोड़ जीएमवी का ऐतिहासिक आंकड़ा
भारत में डिजिटल गवर्नेंस को नई दिशा देते हुए Government e Marketplace (GeM) ने कुल ₹18.4 लाख करोड़ के ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। खास बात यह है कि वित्त वर्ष 2025–26 में ही ₹5 लाख करोड़ से अधिक का कारोबार दर्ज किया गया, जो इस प्लेटफॉर्म की बढ़ती लोकप्रियता और उपयोगिता को दर्शाता है।
जेम पोर्टल क्या है
जेम पोर्टल की शुरुआत वर्ष 2016 में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा की गई थी। यह एक राष्ट्रीय सार्वजनिक खरीद मंच है, जिसके माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्रालय, विभाग, सार्वजनिक उपक्रम (PSUs) और अन्य संबद्ध संस्थाएं वस्तुओं और सेवाओं की खरीद करती हैं। इसका उद्देश्य सरकारी खरीद प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
प्लेटफॉर्म की प्रमुख विशेषताएं
जेम एक पूरी तरह डिजिटल, कैशलेस और सिस्टम आधारित प्लेटफॉर्म है, जो खरीद की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन संचालित करता है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित उपकरणों का उपयोग किया जाता है, जिससे उपयोगकर्ता अनुभव बेहतर होता है। इसके अलावा, इसमें बहुभाषी लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS), वॉयस-आधारित नेविगेशन और क्षेत्रीय प्रशिक्षण मॉड्यूल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जिससे दूरदराज के विक्रेताओं को भी लाभ मिलता है।
जेम पोर्टल के उद्देश्य
इस प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता और गति लाना है। इसमें डायरेक्ट खरीद, ई-बिडिंग, रिवर्स ई-ऑक्शन और डायरेक्ट रिवर्स ऑक्शन जैसे कई विकल्प उपलब्ध हैं। साथ ही, सरकारी संस्थाओं के लिए जेम के माध्यम से खरीद को अनिवार्य बनाया गया है, जिससे बेहतर मूल्य निर्धारण और मानकीकरण सुनिश्चित होता है।
उपलब्धि का महत्व
₹18.4 लाख करोड़ का GMV हासिल करना जेम पोर्टल के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे न केवल सरकारी खरीद में पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि लागत में कमी और छोटे एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को नए अवसर भी मिले हैं। यह प्लेटफॉर्म डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूत करते हुए समावेशी आर्थिक विकास को भी बढ़ावा दे रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- जेम पोर्टल की शुरुआत 2016 में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा की गई थी।
- यह सरकारी खरीद के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
- इसमें रिवर्स ई-ऑक्शन और ई-बिडिंग जैसे आधुनिक खरीद विकल्प उपलब्ध हैं।
- यह प्लेटफॉर्म आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बहुभाषी सिस्टम का उपयोग करता है।
जेम पोर्टल की यह उपलब्धि भारत में डिजिटल परिवर्तन और पारदर्शी शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में यह प्लेटफॉर्म सरकारी खरीद प्रणाली को और अधिक सशक्त और प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।