जीवाश्मीकृत उल्टी में मिला उड़ने वाला सरीसृप, वैज्ञानिकों ने खोजी नई प्रजाति
वैज्ञानिकों ने ब्राज़ील में संरक्षित जीवाश्मीकृत डायनासोर की उल्टी (regurgitalite) में एक नई उड़ने वाली सरीसृप प्रजाति की पहचान की है। यह खोज न केवल क्रीटेशियस काल के शिकारी-शिकार संबंधों पर दुर्लभ प्रमाण देती है, बल्कि उस दौर के उष्णकटिबंधीय पर्यावरण में प्टेरोसॉर विविधता की नई झलक भी प्रस्तुत करती है।
उल्टी के जीवाश्म में छिपी नई प्रजाति ‘बाकिरिबु वारिड्ज़ा’
यह अद्वितीय खोज ब्राज़ील के Museu Camara Cascudo में रखे एक जीवाश्म नमूने से हुई, जिसे “regurgitalite” कहा जाता है। इसमें एक नई फ़िल्टर-फीडिंग प्टेरोसॉर प्रजाति “Bakiribu waridza” के दो जीवों के अवशेषों के साथ चार मछलियों के जीवाश्म भी मिले। हड्डियों का टुकड़ों में टूटना और मुलायम ऊतकों की अनुपस्थिति दर्शाती है कि इन्हें किसी शिकारी ने निगलने के बाद आंशिक रूप से पचा लिया था और बाद में उल्टी के रूप में बाहर निकाला।
उष्णकटिबंधीय क्षेत्र की अनोखी फ़िल्टर-फीडिंग प्टेरोसॉर
‘बाकिरिबु वारिड्ज़ा’ के जबड़े लंबे और दंतीले थे, जिनमें घने, ब्रश जैसी दांतों की पंक्तियाँ थीं जो पानी से भोजन छानने (filter feeding) के लिए उपयुक्त थीं। यह विशेषता इसे प्रसिद्ध प्टेरोसॉर ‘Pterodaustro’ के समान बनाती है, हालांकि इसके दांतों के आकार और अंतराल में भिन्नता पाई गई। यह प्रजाति Ctenochasmatidae परिवार से संबंधित है, जो पतली, सुई जैसी दांतों वाली संरचनाओं के लिए जाना जाता है, जो विशेष प्रकार के आहार व्यवहार को दर्शाती हैं।
प्राचीन पारिस्थितिकी का रहस्योद्घाटन
फॉसिल के भीतर हड्डियों की व्यवस्था से संकेत मिलता है कि शिकारी ने पहले प्टेरोसॉरों को खाया और बाद में मछलियाँ निगलीं, जिसके बाद असुविधा या अवरोध के कारण उसने मिश्रित पदार्थ को उगल दिया। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह शिकारी कोई स्पिनोसॉरिड डायनासोर या बड़ा ऑर्निथोसेरिफ़ॉर्म प्टेरोसॉर रहा होगा, जो उस क्षेत्र में मछली खाने के लिए प्रसिद्ध थे।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- नई प्रजाति का नाम: Bakiribu waridza, एक फ़िल्टर-फीडिंग प्टेरोसॉर।
- खोज का स्थान: Museu Camara Cascudo, ब्राज़ील।
- परिवार: Ctenochasmatidae, जो सुई जैसे दांतों और लंबे जबड़ों के लिए जाना जाता है।
- संभावित शिकारी: स्पिनोसॉरिड डायनासोर या बड़े प्टेरोसॉर।
वैज्ञानिक महत्व और पुराजीव विज्ञान में योगदान
यह खोज अत्यंत दुर्लभ व्यवहारिक प्रमाण प्रस्तुत करती है कि प्टेरोसॉर भी बड़े शिकारी जीवों के आहार का हिस्सा थे। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में फ़िल्टर-फीडिंग प्टेरोसॉरों की विविधता पहले की तुलना में कहीं अधिक थी। जीवाश्म में दांतों और हड्डियों की उत्कृष्ट संरक्षा से वैज्ञानिकों को प्टेरोसॉरों के विकास, आहार व्यवहार और प्राचीन पारिस्थितिक संबंधों को समझने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।