चीन ने 3D प्रिंटेड टर्बोजेट इंजन से सफल ड्रोन उड़ान कर दिखाया कमाल

चीन ने 3D प्रिंटेड टर्बोजेट इंजन से सफल ड्रोन उड़ान कर दिखाया कमाल

चीन ने एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देश ने 3D प्रिंटिंग तकनीक से बने टर्बोजेट इंजन से संचालित एक ड्रोन को सफलतापूर्वक 30 मिनट तक उड़ाकर अपनी बढ़ती स्वदेशी क्षमता का प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि चीन की रक्षा प्रणाली में तीव्र गति से निर्माण योग्य और हल्के इंजनों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

परीक्षण और तकनीकी विवरण

यह परीक्षण Aero Engine Corporation of China (AECC) द्वारा किया गया, जिसमें लगभग 160 किलोग्राम थ्रस्ट उत्पन्न करने वाला हल्का टर्बोजेट इंजन प्रयोग किया गया। इस इंजन के तीन-चौथाई से अधिक हिस्से 3D प्रिंटिंग तकनीक से तैयार किए गए थे, जिससे न केवल वजन कम हुआ बल्कि असेंबली प्रक्रिया भी सरल हो गई।ड्रोन ने परीक्षण के दौरान 6,000 मीटर की ऊंचाई प्राप्त की और लगभग Mach 0.75 की गति से उड़ान भरी। उड़ान के अंत में ड्रोन को पैराशूट की सहायता से सुरक्षित रूप से वापस लाया गया।

सैन्य और औद्योगिक महत्व

यह इंजन विशेष रूप से लोइटरिंग म्यूनिशन्स, अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स (UAVs) और टार्गेट ड्रोन के लिए विकसित किया जा रहा है। 3D प्रिंटिंग या एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग तकनीक की मदद से ऐसे इंजन कम लागत पर और कम समय में तैयार किए जा सकते हैं, जो रक्षा क्षेत्र में डिस्पोजेबल या एक्सपेंडेबल प्लेटफॉर्म की बढ़ती मांग को पूरा कर सकते हैं।इसके अलावा, इस परीक्षण से यह भी स्पष्ट होता है कि चीन अब एयरो इंजन अनुसंधान में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है। टोपोलॉजी-ऑप्टिमाइज़्ड डिज़ाइन और तेजी से निर्माण प्रक्रियाएँ भविष्य में उच्च ऊंचाई और गति वाले सिस्टम विकसित करने में मदद करेंगी।

तकनीकी और रणनीतिक परिप्रेक्ष्य

विश्व स्तर पर एयरोस्पेस प्रणोदन (propulsion) एक जटिल क्षेत्र माना जाता है। इस सफलता के साथ चीन ने यह संकेत दिया है कि वह तेजी से बनने वाले, हल्के और प्रभावी इंजनों को व्यापक पैमाने पर तैनात करने में सक्षम हो रहा है।एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग से न केवल उत्पादन श्रृंखला में लचीलापन बढ़ेगा बल्कि आपूर्ति और रखरखाव में भी समय व लागत की बचत होगी। आने वाले समय में यह तकनीक ड्रोन आधारित निगरानी, हमले और स्वार्म (समूह ड्रोन) अभियानों में चीन की सैन्य शक्ति को और सशक्त बना सकती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • परीक्षण में उपयोग हुआ इंजन लगभग 160 किग्रा थ्रस्ट उत्पन्न करता है।
  • इस इंजन के 75% से अधिक हिस्से 3D प्रिंटिंग से बनाए गए थे।
  • ड्रोन ने Mach 0.75 की गति और 6,000 मीटर की ऊंचाई हासिल की।
  • यह परीक्षण Aero Engine Corporation of China (AECC) द्वारा किया गया था।

चीन की इस उपलब्धि से यह स्पष्ट है कि 3D प्रिंटिंग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग अब रक्षा उत्पादन में मुख्यधारा का हिस्सा बनता जा रहा है। हालांकि, अभी भी इन इंजनों की दीर्घकालिक मजबूती, थकान और उच्च तापमान पर स्थायित्व से जुड़ी चुनौतियाँ बनी हुई हैं। आने वाले परीक्षणों से यह तय होगा कि क्या चीन इस तकनीक को बड़े पैमाने पर उत्पादन के योग्य बना पाएगा, जो निस्संदेह वैश्विक ड्रोन प्रतिस्पर्धा की दिशा को प्रभावित कर सकता है।

Originally written on November 15, 2025 and last modified on November 15, 2025.

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