चीन ने जापान को सीमित मात्रा में रेयर अर्थ निर्यात की अनुमति दी, ‘डुअल-यूज़’ नियंत्रण व्यवस्था के तहत रणनीतिक संतुलन

चीन ने जापान को सीमित मात्रा में रेयर अर्थ निर्यात की अनुमति दी, ‘डुअल-यूज़’ नियंत्रण व्यवस्था के तहत रणनीतिक संतुलन

चीन ने हाल ही में नए “डुअल-यूज़” निर्यात नियंत्रण नियमों के तहत जापान को सीमित रेयर अर्थ निर्यात लाइसेंस मंजूर किए हैं। यह कदम जापानी निर्माताओं के लिए तत्काल आपूर्ति संकट को कुछ हद तक कम करता है, लेकिन साथ ही यह महत्वपूर्ण खनिजों पर चीन के बढ़ते रणनीतिक प्रभाव को भी दर्शाता है।

कड़े निरीक्षण के तहत सीमित निर्यात स्वीकृतियाँ

चीन ने रेयर अर्थ निर्यात को अब सरकारी अनुमति के अधीन कर दिया है, जिसमें केवल नागरिक उपयोग (civilian end-use) के लिए कुछ शिपमेंट को मंजूरी दी गई है। जापानी कंपनियों ने पुष्टि की है कि कुछ श्रेणियों में निर्यात स्वीकृत हुए हैं, लेकिन प्रक्रिया अब पहले की तुलना में धीमी और कम पारदर्शी है। निर्यात मात्रा अभी भी ऐतिहासिक स्तर से कम बनी हुई है।

‘डुअल-यूज़’ नियंत्रण और रणनीतिक संकेत

चीन की नई व्यवस्था में स्पष्ट किया गया है कि सैन्य उपयोग से संबंधित सामग्रियों का निर्यात अभी भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, जबकि अनुपालक नागरिक उपयोग वाली सामग्रियों को सशर्त अनुमति दी जाएगी। यह कदम 2010 के सेनकाकू द्वीप विवाद जैसी पूर्ण निर्यात पाबंदी की छवि से बचने का प्रयास है, लेकिन चीन ने लाइसेंसिंग के माध्यम से अपना रणनीतिक नियंत्रण बरकरार रखा है।

जापानी उद्योग और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर प्रभाव

डिसप्रोसियम (Dysprosium) और टेर्बियम (Terbium) जैसे भारी रेयर अर्थ तत्वों पर सबसे कड़ा नियंत्रण है क्योंकि ये इलेक्ट्रिक वाहनों और उन्नत हथियार प्रणालियों में प्रयुक्त हाई-पर्फॉर्मेंस मैग्नेट्स में अहम हैं। जापानी आयातकों को अब यह दिखाना होता है कि सामग्रियाँ किन उपयोगकर्ताओं के पास जाएँगी और क्या उन्हें अन्य देशों में पुनः निर्यात किया जाएगा।

नोमुरा रिसर्च इंस्टीट्यूट के विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि यदि देरी लंबी चली, तो जापान को सालाना ¥2.6 ट्रिलियन का उत्पादन घाटा हो सकता है, जिससे देश के GDP में 0.43% तक की गिरावट संभव है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • रेयर अर्थ तत्व (Rare Earth Elements) इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहनों और रक्षा तकनीक के लिए महत्वपूर्ण हैं।
  • चीन वैश्विक रेयर अर्थ प्रसंस्करण और शोधन में अग्रणी है।
  • ‘Dual-use’ वस्तुएं वे होती हैं जिनका नागरिक और सैन्य दोनों तरह का उपयोग संभव होता है।
  • जापान दुनिया के सबसे बड़े रेयर अर्थ आयातकों में शामिल है।

जापान की विविधता नीति और दीर्घकालिक दृष्टिकोण

इस अनिश्चितता ने जापान को वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की खोज में तेजी लाने के लिए प्रेरित किया है। जापान के डीप-सी ड्रिलिंग पोत “चिक्यु” ने हाल ही में मिनामीतोरीशिमा द्वीप के पास रेयर-अर्थ युक्त समुद्री मिट्टी प्राप्त की, जो एक वैश्विक पहली उपलब्धि है। हालांकि इसका वाणिज्यिक उत्पादन 2027 से पहले संभव नहीं, टोक्यो ने अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ भी आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में साझेदारी बढ़ाई है।

इस समय चीन से सीमित निर्यात जापान के लिए एक अस्थायी राहत है, लेकिन दीर्घकाल में यह संकट रणनीतिक आत्मनिर्भरता और तकनीकी संप्रभुता की दिशा में एक अवसर बन सकता है।

Originally written on February 7, 2026 and last modified on February 7, 2026.

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