चिली ने भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन किया, UNSC सुधारों की वैश्विक मांग को बल

चिली ने भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन किया, UNSC सुधारों की वैश्विक मांग को बल

चिली ने भारत के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्य बनने की महत्त्वाकांक्षी मांग का औपचारिक समर्थन किया है। चिली का मानना है कि भारत वैश्विक स्थिरता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, और वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में UNSC को अधिक प्रतिनिधिक और उत्तरदायी बनाना आवश्यक है।

यह समर्थन ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में सुधार की मांग जोर पकड़ रही है, ताकि यह आज की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को अधिक सटीक रूप से दर्शा सके।

चिली का रुख: UNSC को बनाना होगा पारदर्शी और प्रासंगिक

भारत में चिली के राजदूत जुआन अंगुलो ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि बहुपक्षीय प्रणाली में व्यापक सुधार समय की मांग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज का UNSC अब भी द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बने शक्ति संतुलन पर आधारित है, जो वर्तमान अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का प्रतिनिधित्व नहीं करता।

चिली का मानना है कि यदि UNSC को प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है, तो उसमें सुधार आवश्यक और अपरिहार्य है। यह वैश्विक संस्थाओं में विश्वास बहाल रखने और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था को सशक्त करने के लिए जरूरी है।

भारत की वैश्विक भूमिका: एक स्थिरकारी शक्ति

राजदूत अंगुलो ने कहा कि आज का भारत उस दौर से बहुत आगे निकल चुका है जब सुरक्षा परिषद की वर्तमान संरचना बनी थी। भारत की राजनीतिक हैसियत, आर्थिक शक्ति और कूटनीतिक पहुँच अब उसे एक स्थिरकारी वैश्विक शक्ति बनाती है।

चिली मानता है कि भारत की सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता इतिहास नहीं, बल्कि वर्तमान वैश्विक संतुलन को दर्शाने का प्रयास होना चाहिए।

भारत की स्थायी सदस्यता की पुरानी मांग

भारत लंबे समय से UNSC में स्थायी सदस्यता की मांग करता आया है। भारत का तर्क है कि:

  • वह विश्व की सबसे बड़ी जनसंख्या में से एक है,
  • तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्था है,
  • उसने UN शांति अभियानों में बड़ा योगदान दिया है,
  • और वह बहुपक्षीयवाद को लेकर प्रतिबद्ध है।

भारत यह भी कहता रहा है कि अगर सुरक्षा परिषद को विकासशील और उभरती शक्तियों का सही प्रतिनिधित्व नहीं मिला, तो इसकी वैधता और प्रासंगिकता पर प्रश्नचिह्न लगेंगे।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • वर्तमान में UNSC में 5 स्थायी सदस्य हैं: अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम, जिन्हें वीटो अधिकार प्राप्त है।
  • भारत कई बार गैर-स्थायी सदस्य रह चुका है, लेकिन अब स्थायी सीट की मांग कर रहा है।
  • UNSC सुधारों का उद्देश्य एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों की भागीदारी बढ़ाना है।
  • भारत, संयुक्त राष्ट्र के सबसे बड़े शांति रक्षक योगदानकर्ताओं में शामिल है।

वैश्विक समर्थन और भारत का मामला

भारत के स्थायी सदस्य बनने के प्रयासों को कई प्रमुख वैश्विक शक्तियों का समर्थन प्राप्त है, जिनमें अमेरिका, रूस, फ्रांस और ब्रिटेन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त जापान, जर्मनी, ब्राज़ील, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने भी भारत का समर्थन किया है।

इन समर्थनों से भारत की यह बात और मज़बूत होती है कि अगर वैश्विक संस्थाओं को आज की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटना है, तो UNSC का विस्तार और सुधार आवश्यक है।

यह कदम न केवल भारत की वैश्विक भूमिका को मान्यता देता है, बल्कि एक न्यायसंगत, समावेशी और उत्तरदायी विश्व व्यवस्था की दिशा में भी अहम संकेत देता है।

Originally written on January 10, 2026 and last modified on January 10, 2026.

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