चिली के दक्षिणी क्षेत्रों में भीषण जंगलों की आग: आपातकाल की घोषणा, 15 लोगों की मौत और हजारों विस्थापित
चिली ने अपने दक्षिणी क्षेत्रों में फैली भीषण जंगल की आग के चलते आपातकाल की घोषणा कर दी है। अब तक कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है और 50,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। यह आग हाल के वर्षों में देश में देखी गई सबसे जानलेवा घटनाओं में से एक मानी जा रही है।
दक्षिणी क्षेत्रों में सबसे अधिक प्रभाव
जंगल की यह आग न्यूब्ले (Ñuble) और बायोबायो (Biobío) क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से लगातार फैल रही है। ये क्षेत्र राजधानी सैंटियागो से लगभग 500 किलोमीटर दक्षिण में स्थित हैं। पेंको (Penco) तटीय शहर में सबसे अधिक हताहत हुए हैं, जबकि लीरक्वेन (Lirquén) में भी भारी क्षति हुई है। अधिकारी बताते हैं कि 14 से अधिक प्रमुख अग्नि मोर्चे अभी भी सक्रिय हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया और आपातकालीन उपाय
राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक ने न्यूब्ले और बायोबायो क्षेत्रों में आपातकाल की स्थिति घोषित करते हुए सैन्य बलों की तैनाती की अनुमति दी है ताकि वे नागरिक प्रशासन की मदद कर सकें। लगभग 4,000 अग्निशामक अत्यंत कठिन परिस्थितियों में आग बुझाने में लगे हुए हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि सभी उपलब्ध संसाधनों को सक्रिय कर दिया गया है ताकि प्रभावित समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बड़े पैमाने पर विस्थापन और मानवीय संकट
राष्ट्रीय आपदा रोकथाम और प्रतिक्रिया सेवा (SENAPRED) के अनुसार, पेंको और लीरक्वेन में अधिकांश लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि आग की तीव्रता के कारण उन्हें न्यूनतम सामान लेकर घर छोड़ना पड़ा। कई लोगों ने तटीय इलाकों में समुद्र तटों पर शरण ली, क्योंकि आग समुद्र के किनारे के आवास क्षेत्रों तक पहुँच गई थी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- बायोबायो और न्यूब्ले, चिली के दक्षिण-मध्य क्षेत्र के प्रमुख प्रशासनिक क्षेत्र हैं।
- चिली में दक्षिणी गोलार्ध की गर्मियों के दौरान जंगल की आग का जोखिम चरम पर होता है।
- आपातकाल की स्थिति में चिली में सैन्य बलों को नागरिक सहायता के लिए तैनात किया जा सकता है।
- फरवरी 2024 में, विना डेल मार (Viña del Mar) के पास लगी जंगल की आग में 138 लोगों की मौत हुई थी।
बार-बार उभरती वनाग्नि की चुनौती
पिछले कुछ वर्षों में चिली के दक्षिण-मध्य हिस्सों में जंगल की आग की घटनाएँ बढ़ रही हैं। इसके पीछे जलवायु परिवर्तन, अनियंत्रित शहरीकरण और अप्रभावी वन प्रबंधन जैसे कारण माने जा रहे हैं। मौसम विभाग ने तेज हवाओं और उच्च तापमान की भविष्यवाणी की है, जिससे स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आग पर नियंत्रण के प्रयास आने वाले दिनों में और भी चुनौतीपूर्ण रहेंगे।
निष्कर्ष
चिली में फैली यह जंगल की आग केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि जलवायु संकट की गंभीर चेतावनी है। यह घटना यह भी दिखाती है कि कैसे तेजी से बदलती पर्यावरणीय परिस्थितियाँ सामाजिक और मानव जीवन पर विनाशकारी प्रभाव डाल सकती हैं। सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से ही ऐसी आपदाओं के प्रभाव को कम किया जा सकता है।