ग्वाटेमाला में आपात स्थिति: गिरोह हिंसा के बाद 30 दिन का ‘स्टेट ऑफ सीज’ लागू
ग्वाटेमाला ने एक गंभीर सुरक्षा संकट के बीच 30 दिनों के ‘स्टेट ऑफ सीज’ की घोषणा की है। यह फैसला राष्ट्रपति बर्नार्डो अरेवालो ने उस समय लिया जब देशभर में संगठित अपराध से जुड़े हिंसक हमलों में सात पुलिस अधिकारियों की हत्या कर दी गई। यह घटनाएं सरकार द्वारा अधिकतम सुरक्षा वाली जेलों पर पुनः नियंत्रण प्राप्त करने के बाद बदले की कार्रवाई के रूप में सामने आईं।
जेलों में विद्रोह और बंधक संकट
यह आपात स्थिति तीन अधिकतम सुरक्षा वाली जेलों, विशेष रूप से एसक्विन्टला स्थित रेनोवासीओन जेल में हुए समन्वित उपद्रवों के बाद उत्पन्न हुई। इन जेलों में संगठित अपराध से जुड़े कैदियों ने कई जेलकर्मियों को बंधक बना लिया। विद्रोह का कारण सरकार द्वारा गिरोह सरगनाओं को दी जा रही विशेष सुविधाओं को समाप्त करना था। बाद में सैकड़ों एंटी-रायट पुलिस बलों ने जेलों पर धावा बोलकर सभी बंधकों को सुरक्षित मुक्त कराया।
पुलिस बलों पर प्रतिशोधात्मक हमले
जेलों पर नियंत्रण बहाल होते ही, संगठित गिरोहों के हथियारबंद सदस्यों ने ग्वाटेमाला सिटी और आसपास के क्षेत्रों में हमले शुरू कर दिए। आंतरिक मंत्रालय ने पुष्टि की कि इन हमलों में सात राष्ट्रीय पुलिसकर्मियों की मौत हो गई और दस से अधिक घायल हुए। एक गैंग सदस्य भी मारा गया। अधिकारियों ने इन हमलों को सरकार को डराने और अपराध विरोधी कदमों को वापस लेने के दबाव के प्रयास के रूप में देखा।
‘स्टेट ऑफ सीज’ की कानूनी और संवैधानिक पृष्ठभूमि
ग्वाटेमाला के संविधान के अनुसार, यदि संगठित अपराध या गंभीर हिंसा नागरिक प्रशासन को असमर्थ बना दे, तो राष्ट्रपति ‘स्टेट ऑफ सीज’ की घोषणा कर सकते हैं। यह प्रावधान तत्काल प्रभाव में आता है, हालांकि बाद में इसे संसद की मंजूरी लेनी होती है। इस दौरान नागरिकों की आवाजाही, सभा और विरोध जैसे अधिकारों पर अस्थायी रोक लगाई जा सकती है ताकि सुरक्षा बल व्यापक संसाधनों के साथ कार्रवाई कर सकें।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ग्वाटेमाला में ‘स्टेट ऑफ सीज’ संविधान द्वारा अनुमत एक आपातकालीन उपाय है, जो कुछ संवैधानिक अधिकारों को अस्थायी रूप से निलंबित करता है।
- रेनोवासीओन जेल एक अधिकतम सुरक्षा वाली जेल है, जहां गिरोह सरगनाओं को रखा जाता है।
- संगठित गिरोहों द्वारा राज्य कार्रवाई के जवाब में बाहरी हमले करना एक सामान्य रणनीति है।
- मध्य अमेरिका में गैंग हिंसा से निपटने के लिए आपात शक्तियों का प्रयोग बढ़ता जा रहा है।
क्षेत्रीय परिप्रेक्ष्य और सरकारी प्रतिक्रिया
सरकार ने इस हिंसा को ट्रांसनेशनल गैंग्स जैसे “बारियो 18” और “मारा साल्वात्रूचा” से जोड़ा है, जो मध्य अमेरिका में सक्रिय हैं। जवाब में सरकार ने जेलों की सुरक्षा मजबूत की है, पुलिस और सैन्य बलों की संयुक्त गश्त बढ़ाई है और देशभर में स्कूलों की कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि प्रशासन संगठित अपराध के खिलाफ सख्त और समझौता-रहित नीति अपनाने को प्रतिबद्ध है।
निष्कर्ष
ग्वाटेमाला में मौजूदा संकट न केवल देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि संगठित अपराध किस हद तक राज्य व्यवस्था को चुनौती दे सकता है। सरकार द्वारा घोषित ‘स्टेट ऑफ सीज’ स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करता है और यह मध्य अमेरिकी देशों के लिए भी एक चेतावनी है कि संगठित गिरोहों के विरुद्ध सशक्त और ठोस रणनीति आवश्यक है।