ग्वाटेमाला का फ्यूगो ज्वालामुखी एक बार फिर सक्रिय: राख, विस्फोट और सतर्कता की बढ़ती जरूरत
ग्वाटेमाला का फ्यूगो ज्वालामुखी (Volcán de Fuego), जो मध्य अमेरिका के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में गिना जाता है, ने जनवरी के अंतिम सप्ताह में एक तेज विस्फोटक गतिविधि के साथ फिर से वैश्विक ध्यान आकर्षित किया। फरवरी की शुरुआत तक इसकी सक्रियता और बढ़ गई, जिसके चलते रात के समय चमकते लावा और राख के बादलों ने आसमान को रोशन कर दिया और इसके दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए।
ज्वालामुखीय गतिविधि में तीव्र वृद्धि
ग्वाटेमाला के राष्ट्रीय सिस्मोलॉजी, ज्वालामुखी विज्ञान, मौसम और जलविज्ञान संस्थान (INSIVUMEH) ने पुष्टि की है कि फ्यूगो ज्वालामुखी में जारी विस्फोटों की तीव्रता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। विस्फोटों के कारण 14,000 से 16,000 फीट की ऊंचाई तक राख के स्तंभ उठते देखे गए। वोल्केनिक ऐश एडवाइजरी सेंटर ने इस पर कई बार चेतावनी जारी की, क्योंकि राख विमानों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करती है।
आसपास के समुदायों पर प्रभाव
साकातेपेकेज़ और चिमालतेनांगो प्रांतों से मिली वीडियो फुटेज में रात के समय भड़का हुआ लावा और राख की परतें स्पष्ट दिखाई दीं। पानिमाचे, मोरेलिया और सांता सोफिया जैसे गांवों के निवासियों ने राख गिरने और घाटियों में गूंजते तेज विस्फोटों की आवाजों की रिपोर्ट दी है। हालांकि अब तक किसी बड़े लावा प्रवाह की सूचना नहीं है, लेकिन राख ने आसपास की हवा की गुणवत्ता और दृश्यता को प्रभावित किया है।
सामान्य गतिविधि या असामान्य उथल-पुथल?
3,763 मीटर ऊंचा फ्यूगो ज्वालामुखी सामान्यतः Strombolian प्रकार की विस्फोटक गतिविधि के लिए जाना जाता है, जिसमें छोटे से मध्यम स्तर के विस्फोट नियमित रूप से होते हैं। लेकिन इस बार हुए विस्फोटों में ज्यादा दबाव, तेज ऊर्जा और अधिक ऊंचाई तक उठते राख के स्तंभ देखे गए हैं। वैज्ञानिक सीस्मिक उपकरणों, वेबकैम्स और सैटेलाइट डेटा की मदद से 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी बढ़ती गतिविधि का समय रहते पता लगाया जा सके।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- Volcán de Fuego मध्य अमेरिका के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है।
- Strombolian विस्फोट में नियमित, लेकिन मध्यम तीव्रता वाले विस्फोट होते हैं।
- ज्वालामुखीय राख हवाई यातायात के लिए अत्यधिक जोखिमपूर्ण होती है।
- फ्यूगो ज्वालामुखी का 2018 का विस्फोट लगभग 200 लोगों की मौत का कारण बना था।
जोखिम और तैयारियों की स्थिति
फ्यूगो ज्वालामुखी के चारों ओर की घाटियों में 15 लाख से अधिक लोग निवास करते हैं, जिससे राख, मलबे की ढलान और lahars (कीचड़ प्रवाह) जैसे खतरों की संभावना अधिक हो जाती है, विशेषकर वर्षा ऋतु के दौरान। 2018 की त्रासदी अभी भी स्थानीय प्रशासन की आपदा योजनाओं का केंद्र बनी हुई है।
2 फरवरी 2026 तक किसी बड़े पैमाने पर निकासी की आवश्यकता नहीं पड़ी है, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने नदियों और जल निकासी क्षेत्रों के पास रहने वाले निवासियों से सतर्क रहने का आग्रह किया है, क्योंकि किसी भी संभावित तीव्रता में वृद्धि के संकेतों की लगातार निगरानी की जा रही है।
फ्यूगो की यह सक्रियता ज्वालामुखीय जोखिमों की जटिलता और उनके प्रबंधन की चुनौती को उजागर करती है, जहां वैज्ञानिक सतर्कता और समुदाय की सजगता मिलकर आपदा को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।