गोवा को मिलेगा तीसरा जिला: कुशावती जिला घोषित
गोवा सरकार ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए कुशावती नामक एक नए जिले के गठन की घोषणा की है। यह कदम राज्य के दक्षिणी भाग की प्रशासनिक सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इस निर्णय की घोषणा करते हुए बताया कि इस जिले का नाम प्राचीन कुशावती नदी के नाम पर रखा गया है, जो इस क्षेत्र से होकर बहती है।
जिला संरचना और प्रशासनिक ढांचा
नया कुशावती जिला पूरी तरह से दक्षिण गोवा से अलग किया जाएगा। इसमें कुल चार तालुके — धारबंदोरा, केपे, संगेम और काणकोण शामिल होंगे। जब तक आवश्यक प्रशासनिक अवसंरचना का विकास नहीं हो जाता, तब तक जिले का कार्य संचालन दक्षिण गोवा के मुख्यालय से ही किया जाएगा। इस अवधि में दक्षिण गोवा के कलेक्टर ही कुशावती जिले के प्रशासन को अस्थायी रूप से देखेंगे, जब तक कि एक पूर्णकालिक कलेक्टर की नियुक्ति नहीं हो जाती।
केपे को जिला मुख्यालय के रूप में चयन
केपे नगर को कुशावती जिले का मुख्यालय घोषित किया गया है। राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि दूरवर्ती तालुकों जैसे काणकोण और धारबंदोरा से केपे तक की बस कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा ताकि नागरिकों को प्रशासनिक सेवाओं तक पहुँचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आकांक्षी जिला और विशेष सहायता
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुशावती को आकांक्षी जिला (Aspirational District) के रूप में विकसित किया जाएगा। ऐसे जिलों को केंद्र सरकार से ₹15 करोड़ तक की विशेष वित्तीय सहायता प्राप्त होती है जिससे प्रशासनिक सुविधा, बुनियादी ढांचे और सुशासन को बेहतर बनाया जा सके।
विशेष रूप से यह ध्यान देने योग्य है कि कुशावती जिले की कुल जनसंख्या का लगभग 27 प्रतिशत हिस्सा जनजातीय समुदायों से संबंधित है। इसी कारण राज्य सरकार केंद्र से अतिरिक्त धनराशि की मांग करेगी ताकि इन समुदायों के लिए उपयुक्त बुनियादी सुविधाएँ और सेवाएँ विकसित की जा सकें।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- वर्तमान में गोवा में दो जिले हैं: उत्तर गोवा और दक्षिण गोवा।
- कुशावती गोवा का तीसरा जिला होगा, जो दक्षिण गोवा से निकाला जाएगा।
- यह जिला प्राचीन कुशावती नदी के नाम पर रखा गया है।
- आकांक्षी जिलों को केंद्र सरकार से अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलती है।
अधिसूचना और क्रियान्वयन प्रक्रिया
राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि कुशावती जिले के गठन की औपचारिक अधिसूचना शीघ्र ही जारी की जाएगी। जब तक अवसंरचना, स्टाफिंग और प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो जातीं, तब तक यह नया जिला पूर्ण रूप से स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं करेगा। लेकिन इस घोषणा से यह स्पष्ट हो गया है कि गोवा प्रशासनिक सुधारों और समावेशी विकास की दिशा में सक्रिय कदम उठा रहा है।