गूगल पर जेमिनी एआई को लेकर अमेरिका में सामूहिक मुकदमा

गूगल पर जेमिनी एआई को लेकर अमेरिका में सामूहिक मुकदमा

अमेरिकी अदालत में गूगल के खिलाफ एक बड़ा कानूनी मामला दर्ज हुआ है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने अपने जेमिनी एआई असिस्टेंट को उपयोगकर्ताओं की अनुमति के बिना जीमेल, चैट और मीट सेवाओं में सक्रिय कर दिया। यह सामूहिक मुकदमा कैलिफोर्निया के सैन होज़े स्थित संघीय अदालत में दायर किया गया है। शिकायत के अनुसार, अक्टूबर में किए गए एक अपडेट के बाद गूगल ने गुपचुप तरीके से इस एआई सिस्टम को डिफ़ॉल्ट रूप से चालू कर दिया, जिससे यह उपयोगकर्ताओं की निजी संचार सामग्री तक पहुंच सकता है।

आरोप और मुकदमे की पृष्ठभूमि

मुकदमे में कहा गया है कि गूगल ने पहले उपयोगकर्ताओं को अपने एआई टूल्स को सक्रिय करने का विकल्प दिया था, लेकिन हालिया अपडेट में बिना सूचित किए जेमिनी को चालू कर दिया गया। इससे एआई सिस्टम को उपयोगकर्ताओं के ईमेल, अटैचमेंट्स, चैट संदेशों और वीडियो मीटिंग ट्रांसक्रिप्ट्स तक पहुंच मिल गई। वादी पक्ष का दावा है कि यह कदम बिना अनुमति के निजी जानकारी की निगरानी और उपयोग के समान है, जो गोपनीयता अधिकारों का उल्लंघन है।

सहमति और पारदर्शिता को लेकर चिंताएँ

इस पूरे मामले का केंद्र यह आरोप है कि गूगल ने जेमिनी को सक्षम करने से पहले उपयोगकर्ताओं की स्पष्ट सहमति नहीं ली। हालांकि कंपनी का कहना है कि उपयोगकर्ता इसे बंद कर सकते हैं, लेकिन यह विकल्प गोपनीयता सेटिंग्स में गहराई से छिपा हुआ है। शिकायत के अनुसार, अधिकांश उपयोगकर्ता इस बदलाव से अनजान हैं और उन्हें यह भी पता नहीं कि उनकी संचार सामग्री को एआई सिस्टम द्वारा प्रोसेस किया जा रहा है, जब तक वे इसे स्वयं निष्क्रिय न करें।

डेटा गोपनीयता पर व्यापक प्रभाव

मुकदमे में यह भी चेतावनी दी गई है कि जेमिनी को जीमेल खातों में संग्रहित “संपूर्ण संचार इतिहास” तक पहुंच दी गई है, जिससे डेटा सुरक्षा, निगरानी और संभावित दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला उन बड़े तकनीकी संगठनों के लिए एक नजीर बन सकता है जो अपने प्लेटफ़ॉर्म में स्वचालित एआई टूल्स को बिना स्पष्ट अनुमति के शामिल कर रहे हैं। इसके परिणाम भविष्य की एआई-आधारित डेटा प्रोसेसिंग नीतियों और नियमन को प्रभावित कर सकते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • यह मुकदमा अमेरिका के सैन होज़े (कैलिफोर्निया) की संघीय अदालत में दायर किया गया है।
  • अक्टूबर 2025 में कथित तौर पर जेमिनी को जीमेल, चैट और मीट पर डिफ़ॉल्ट रूप से सक्रिय किया गया।
  • उपयोगकर्ताओं को इसे बंद करने के लिए गूगल प्राइवेसी डैशबोर्ड में जाना पड़ता है।
  • शिकायत में दावा है कि जेमिनी ने ईमेल, अटैचमेंट और चैट हिस्ट्री जैसी संवेदनशील सामग्री तक पहुंच बनाई।

उद्योग और उपयोगकर्ताओं की प्रतिक्रिया

यह मुकदमा एआई तैनाती में पारदर्शिता पर चल रही बहस को और तेज़ करता है। तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनियों को ऑटोमेटेड टूल्स के इस्तेमाल में उपयोगकर्ता सुरक्षा और सहमति के स्पष्ट मानदंड अपनाने होंगे। उद्योग जगत यह भी मानता है कि यदि अदालत ने वादियों के पक्ष में निर्णय दिया, तो यह मामला एआई आधारित संचार सेवाओं के डिज़ाइन और गोपनीयता ढांचे को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है।

Originally written on November 13, 2025 and last modified on November 13, 2025.

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