गुवाहाटी की छात्रा आयशा करीम ने जीता वीरगाथा 5.0 सुपर 100 सम्मान
असम की राजधानी गुवाहाटी की कक्षा चार की छात्रा आयशा करीम ने ‘वीरगाथा 5.0 सुपर 100’ खिताब जीतकर राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। अमिंगांव स्थित सरला बिड़ला ज्ञान ज्योति स्कूल की छात्रा आयशा ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान मेजर संदीप उन्नीकृष्णन के शौर्य पर आधारित एक भावनात्मक चित्र बनाकर यह उपलब्धि हासिल की। पिछले पांच वर्षों में इस प्रतिष्ठित सम्मान को प्राप्त करने वाली वह असम की एकमात्र छात्रा बनी हैं।
राष्ट्रीय नायक को समर्पित कलात्मक श्रद्धांजलि
आयशा की विजेता कलाकृति में मेजर संदीप उन्नीकृष्णन के साहस और बलिदान को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। 26/11 मुंबई हमलों के दौरान अदम्य वीरता दिखाने के लिए उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था। आयशा ने अपने चित्र में देशभक्ति, त्याग और संकल्प की भावना को गहन अभिव्यक्ति के साथ प्रस्तुत किया। निर्णायक मंडल ने उनकी रचनात्मकता, भावनात्मक गहराई और दृश्य कथन क्षमता की सराहना की, जिसने एक राष्ट्रीय नायक की स्मृति को जीवंत कर दिया।
वीरगाथा परियोजना का उद्देश्य
वीरगाथा परियोजना रक्षा मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य देशभर के स्कूली छात्रों को वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों की कहानियों से परिचित कराना है। यह प्रतियोगिता प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है, जिसमें छात्र निबंध, कविता, चित्रकला और डिजिटल माध्यमों से साहस की गाथाएं प्रस्तुत करते हैं।
‘सुपर 100’ श्रेणी में देशभर से चुनी गई सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों को स्थान दिया जाता है। कठोर मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद चयनित विजेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाता है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, नागरिक जिम्मेदारी और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान की भावना को प्रोत्साहित करना है।
राष्ट्रीय पहचान और सम्मान
इस उपलब्धि के तहत आयशा को रक्षा मंत्रालय की ओर से नकद पुरस्कार, पदक और प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। साथ ही उन्हें 26 जनवरी को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस परेड को देखने का अवसर भी मिला। यह अनुभव देश के सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय समारोहों में से एक का साक्षी बनने का गौरव प्रदान करता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- मेजर संदीप उन्नीकृष्णन को 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान वीरता के लिए अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था।
- अशोक चक्र भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है।
- वीरगाथा परियोजना रक्षा मंत्रालय की पहल है।
- नई दिल्ली का कर्तव्य पथ प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस परेड की मेजबानी करता है।
आयशा करीम की सफलता ने असम के शैक्षिक क्षेत्र को नई प्रेरणा दी है। उनकी उपलब्धि यह दर्शाती है कि पूर्वोत्तर भारत के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। यह सम्मान न केवल एक छात्रा की रचनात्मक क्षमता का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि विद्यालयी शिक्षा के माध्यम से देश के सैन्य इतिहास और वीरता की गाथाओं को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।