गुजरात में ‘मुख्यमंत्री ग्रामोत्थान योजना’ की शुरुआत: गांवों को मिलेगी शहरी सुविधाओं की सौगात

गुजरात में ‘मुख्यमंत्री ग्रामोत्थान योजना’ की शुरुआत: गांवों को मिलेगी शहरी सुविधाओं की सौगात

गुजरात सरकार ने ग्रामीण विकास को एक नई दिशा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री ग्रामोत्थान योजना’ की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य राज्य के गांवों में शहरी स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस पहल के जरिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच का अंतर कम करने और समावेशी विकास को गति देने का प्रयास किया जा रहा है।

आनंद जिले से राज्यव्यापी शुभारंभ

मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने इस योजना की शुरुआत आनंद जिले के भद्रण गांव से की। कार्यक्रम का लक्ष्य ग्रामीण विकास केंद्रों को ऐसे ‘ग्रोथ हब्स’ में बदलना है, जहां जीवन की गुणवत्ता और आर्थिक अवसर शहरी इलाकों के समकक्ष हों। यह अभियान गुजरात की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

पहले चरण में तालुका मुख्यालय गांवों का विकास

योजना के पहले चरण में 114 ऐसे गांवों का चयन किया गया है, जो तालुका मुख्यालय के रूप में कार्य करते हैं। इन गांवों में निम्नलिखित आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी:

  • उच्च गुणवत्ता वाली सड़क नेटवर्क
  • भूमिगत जल निकासी प्रणाली
  • सौर ऊर्जा चालित स्ट्रीट लाइटिंग
  • ई-ग्राम सेवाओं के माध्यम से डिजिटल शासन

इन सुविधाओं से न केवल बुनियादी ढांचा सुधरेगा, बल्कि स्वच्छता, ऊर्जा दक्षता और प्रशासनिक पारदर्शिता में भी वृद्धि होगी।

पंचायत अधोसंरचना को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ₹663 करोड़ की लागत से बनने वाले 2,666 ग्राम पंचायत घर-कम-तलाटी आवास भवनों की आधारशिला भी रखी। इन भवनों का उद्देश्य ग्राम प्रशासन को सशक्त बनाना और स्थानीय अधिकारियों को कार्य के लिए समर्पित स्थान उपलब्ध कराना है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य:

  • मुख्यमंत्री ग्रामोत्थान योजना गुजरात सरकार की एक ग्रामीण विकास योजना है।
  • योजना के पहले चरण में तालुका मुख्यालय गांवों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।
  • प्रमुख सुविधाओं में सड़क, जल निकासी, सौर स्ट्रीट लाइटिंग, और ई-ग्राम सेवाएं शामिल हैं।
  • योजना के तहत ग्राम पंचायत अवसंरचना का विकास एक प्रमुख घटक है।

सभी बड़े गांवों तक विस्तार की योजना

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भविष्य में यह योजना उन सभी गांवों तक विस्तारित की जाएगी जिनकी जनसंख्या 10,000 से अधिक है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण क्षेत्रों को भी आधुनिक सुविधाएं और प्रशासनिक व्यवस्थाएं मिल सकें, जो सामान्यतः शहरों में उपलब्ध होती हैं।

मुख्यमंत्री ग्रामोत्थान योजना न केवल भौतिक अवसंरचना को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह ग्रामीण गुजरात को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास भी है।

Originally written on February 2, 2026 and last modified on February 2, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *