गुजरात में ‘आशा वैन’ मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग यूनिट की शुरुआत: ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में नई पहल
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को गांधीनगर में एक उन्नत मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग यूनिट ‘आशा वैन’ का उद्घाटन किया। यह पहल राज्य के ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में कैंसर की शीघ्र पहचान और निदान को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे रोकथामात्मक स्वास्थ्य सेवाओं को व्यापक रूप से मजबूती मिलने की उम्मीद है।
आधुनिक मोबाइल डायग्नोस्टिक सुविधा
‘आशा वैन’ को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
- EVA-Pro डायग्नोस्टिक्स
- मैमोग्राफी यूनिट
- विशेषज्ञ टेली-कंसल्टेशन सेवाएँ
यह यूनिट फेफड़े, मुख, रक्त, गर्भाशय ग्रीवा, अग्नाशय, यकृत, स्तन और प्रोस्टेट कैंसर सहित 10 प्रकार के कैंसर की स्क्रीनिंग और निदान स्थल पर ही कर सकती है, जिससे समय रहते इलाज शुरू किया जा सके।
ग्रामीण स्वास्थ्य और रोकथाम चिकित्सा को बढ़ावा
इस मोबाइल इकाई को किसी भी स्थान पर तैनात किया जा सकता है, जिससे शहरी क्षेत्रों से बाहर रहने वाले लोगों को भी विशेषज्ञ जांच सेवाएं मिल सकें। मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि ऐसी पहलों के ज़रिए प्रारंभिक स्तर पर कैंसर की पहचान संभव है, जिससे कई जीवन बचाए जा सकते हैं और मरीज समय पर उपचार पाकर सामान्य जीवन की ओर लौट सकते हैं।
यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबके लिए स्वास्थ्य और कल्याण” के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसमें ग्रामीण पहुँच पर विशेष जोर दिया गया है।
इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की भूमिका
मुख्यमंत्री ने ‘आशा वैन’ को इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की भावनगर शाखा को जनसेवा के लिए औपचारिक रूप से सौंपा। यह वैन विभिन्न समुदायों में तैनात की जाएगी ताकि अधिकतम जनसंख्या तक पहुँच बनाई जा सके। इस अवसर पर Genwork Pharma के प्रतिनिधि और रेड क्रॉस सोसाइटी के अधिकारी उपस्थित रहे।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ‘आशा वैन’ एक मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग यूनिट है, जिसे गुजरात में लॉन्च किया गया है।
- यह स्तन, गर्भाशय ग्रीवा सहित 10 प्रकार के कैंसर की शीघ्र पहचान करने में सक्षम है।
- पहल का उद्देश्य रोकथामात्मक स्वास्थ्य सेवा और ग्रामीण पहुँच को मजबूत करना है।
- इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी इस वैन के संचालन में प्रमुख भूमिका निभा रही है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य पर प्रभाव और भविष्य की उपयोगिता
मुख्यमंत्री पटेल ने सोशल मीडिया पर उद्घाटन की जानकारी साझा करते हुए बताया कि चिकित्सा विज्ञान में प्रगति के चलते अब कैंसर की प्रारंभिक पहचान अत्यंत प्रभावशाली बन चुकी है। उन्होंने कहा कि ‘आशा वैन’ जैसी पहलें रोग की पहचान में देरी को कम करेंगी और गुजरात के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढाँचे को सुदृढ़ करेंगी।
इस पहल से न केवल जनस्वास्थ्य में जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण समुदायों में निवारक स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा भी विस्तारित होगा — जिससे दीर्घकालिक स्तर पर राज्य की स्वास्थ्य स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन संभव हो सकेगा।