गाज़ा नीति का नया चरण: बंधक वापसी के बाद इज़राइल का सख्त रुख
इज़राइल ने गाज़ा में अपनी रणनीति का नया चरण शुरू करने की घोषणा की है, जब वहां से अंतिम बंधक की वापसी हो गई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि अब इज़राइल की प्राथमिकता हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण और गाज़ा का सैन्यीकरण समाप्त करना है। उन्होंने दो-राज्य समाधान की संभावना को पुनः खारिज करते हुए, गाज़ा में फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना का विरोध जताया।
बंधक मुक्ति के बाद नेतन्याहू की रणनीति
एक टेलीविज़न संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि अंतिम बंधक की वापसी के साथ इज़राइल के उद्देश्यों के पहले चरण का समापन हो गया है। अब इज़राइल का फोकस:
- हमास की सैन्य क्षमताओं को समाप्त करना,
- हथियारों का भंडार और
- भूमिगत सुरंग नेटवर्क को नष्ट करना है।
उन्होंने कहा कि इज़राइल गाज़ा और वेस्ट बैंक में दीर्घकालिक सुरक्षा नियंत्रण बनाए रखेगा, ताकि भविष्य के खतरों को रोका जा सके।
युद्धविराम योजना और हमास का रुख
अमेरिका समर्थित गाज़ा युद्धविराम योजना, जो 10 अक्टूबर 2023 से प्रभावी हुई, में दो चरण शामिल थे:
- बंधकों की वापसी, और
- हमास का निरस्त्रीकरण।
हालांकि हमास ने अंतिम बंधक के अवशेषों को सौंपकर संघर्षविराम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है, लेकिन वह अभी तक हथियार डालने को तैयार नहीं है।
फिलिस्तीनी राज्य के प्रति विरोध
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने दोहराया कि गाज़ा में फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पहले भी दो-राज्य समाधान के किसी भी प्रयास को रोका है। यह बयान ऐसे समय आया है जब गाज़ा युद्ध की तबाही के बाद कई पश्चिमी देशों ने फिलिस्तीनी राज्य की मान्यता की दिशा में पहल की है।
इज़राइल का तर्क है कि उसकी सुरक्षा के लिए “जॉर्डन नदी से लेकर समुद्र तक” का पूर्ण सुरक्षा नियंत्रण आवश्यक है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- गाज़ा युद्धविराम योजना के दो चरण हैं: बंधक वापसी और निरस्त्रीकरण।
- हमास को इज़राइल और कई पश्चिमी देशों द्वारा आतंकी संगठन घोषित किया गया है।
- दो-राज्य समाधान का तात्पर्य है: इज़राइल और फिलिस्तीन दो स्वतंत्र राज्यों के रूप में अस्तित्व में रहें।
- गाज़ा पट्टी और वेस्ट बैंक इज़राइल-फिलिस्तीन संघर्ष के मुख्य क्षेत्र हैं।
क्षेत्रीय तनाव और ईरान की भूमिका
नेतन्याहू ने ईरान को सीधे हमले की चेतावनी देते हुए कहा कि इज़राइल “अभूतपूर्व शक्ति” से जवाब देगा। यह बयान तब आया जब अमेरिका ने ईरान के पास नौसेना तैनात की, और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्षेत्रीय अस्थिरता पर बयान दिए।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिका पर क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया है, जो दर्शाता है कि गाज़ा संकट के आसपास की सुरक्षा स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि गाज़ा संकट का भविष्य न केवल इज़राइल और फिलिस्तीन के लिए, बल्कि पूरे इंडो-वेस्ट एशिया क्षेत्र के लिए भी रणनीतिक दृष्टि से निर्णायक होगा।