गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पंचायती राज प्रतिनिधियों का सम्मान: ग्रामीण शासन में नवाचार और नेतृत्व को मिली नई पहचान
77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने नई दिल्ली में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया, जिसमें गणतंत्र दिवस समारोह के लिए आमंत्रित किए गए निर्वाचित पंचायती राज प्रतिनिधियों को विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मानित किया गया। यह आयोजन जमीनी स्तर पर शासन को सशक्त करने, डिजिटल नवाचार को बढ़ावा देने और परिणाम-आधारित सुधारों को मान्यता देने की दिशा में केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पंचायती राज प्रतिनिधियों का सम्मान और उनकी भूमिका
केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने चुने गए पंचायती राज प्रतिनिधियों को बधाई दी और “अंतिम मील” तक शासन की पहुंच सुनिश्चित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत, जन धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना जैसे कल्याणकारी कार्यक्रमों को हर पात्र घर तक पहुँचाने में पंचायती नेताओं की भूमिका अति आवश्यक है। इस अवसर पर सचिव विवेक भारद्वाज और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
गणतंत्र दिवस पर पंचायती राज की झांकी और SVAMITVA योजना
मंत्री ने बताया कि एक दशक के अंतराल के बाद, इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में पंचायती राज मंत्रालय की झांकी प्रदर्शित की जाएगी, जिसका विषय “स्वामित्व योजना” है। उन्होंने कहा कि यह योजना अब तक लगभग 1.84 लाख गाँवों में कार्यान्वित की जा चुकी है और लगभग तीन करोड़ ग्रामीण संपत्ति कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। इससे भूमि विवादों में कमी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी आई है। कार्यक्रम में महिला प्रधानों की नेतृत्व भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया, जिन्होंने ग्राम स्तर पर नेतृत्व क्षमता को नया आयाम दिया है।
डिजिटल पहल और प्रकाशनों का शुभारंभ
इस अवसर पर कई प्रमुख डिजिटल और ज्ञान-आधारित पहलें शुरू की गईं:
- PANCHAM चैटबॉट – यूनिसेफ के सहयोग से विकसित यह चैटबॉट पंचायती प्रतिनिधियों को डिजिटल मार्गदर्शन प्रदान करता है।
- PESA रैंकिंग 2024–25 – अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा केंद्रित स्वशासन को सुदृढ़ करने हेतु।
- ग्रामोदय संकल्प पत्रिका का 17वां अंक और पंचायती राज संस्थानों पर मूलभूत आँकड़ों का संकलन – 2025।
- पंचायत स्तर पर सेवा वितरण पर विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट – ग्राम स्तर पर प्रभावी सेवाओं के लिए नीति सुझाव।
इन पहलों से यह स्पष्ट होता है कि मंत्रालय नवाचार और तकनीकी सशक्तिकरण के माध्यम से साक्ष्य-आधारित शासन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- SVAMITVA योजना के अंतर्गत ड्रोन मैपिंग से ग्रामीण संपत्ति कार्ड जारी किए जाते हैं।
- PANCHAM चैटबॉट पंचायती प्रतिनिधियों को डिजिटल सहायता प्रदान करता है।
- PESA अधिनियम अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा के अधिकारों को संरक्षित करता है।
- पंचायती राज संविधान के भाग IX के अंतर्गत भारत की तीसरी शासन प्रणाली है।
PESA रैंकिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित नवाचार
देश के दस अनुसूचित क्षेत्रों वाले राज्यों में महाराष्ट्र को PESA कार्यान्वयन में प्रथम स्थान मिला है, इसके बाद मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश का स्थान है। इन रैंकिंग्स का उद्देश्य ग्रामसभा आधारित शासन को सशक्त करना और सुधारों को परिणाममुखी बनाना है।
साथ ही, SabhaSaar जैसे टूल (जो ग्रामसभा की कार्यवाही को स्वतः रिकॉर्ड करता है) और AI-आधारित ग्राम जल निकासी मैपिंग जैसी तकनीकी पहलों को भी प्रदर्शित किया गया, जो पंचायती संस्थाओं की डिजिटल दक्षता को और मजबूत बनाते हैं।
यह आयोजन न केवल जमीनी लोकतंत्र की ताकत को दर्शाता है, बल्कि भारत के गांवों को तकनीकी, सशक्त और समावेशी भविष्य की ओर अग्रसर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत भी देता है।