गगनयान मिशन के लिए ISRO को मिला पहला ह्यूमन-रेटेड विकास इंजन

गगनयान मिशन के लिए ISRO को मिला पहला ह्यूमन-रेटेड विकास इंजन

भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई गति मिली है, क्योंकि गोडरेज एयरोस्पेस ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को पहला ह्यूमन-रेटेड एल110 स्टेज विकस इंजन सौंप दिया है। यह इंजन एलवीएम-3 (LVM-3) रॉकेट को शक्ति प्रदान करेगा, जिसके माध्यम से भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को गगनयान मिशन के तहत अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। यह उपलब्धि भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।

ह्यूमन-रेटेड विकस इंजन का महत्व

ह्यूमन-रेटेड एल110 विकस इंजन विशेष रूप से उन सुरक्षा और विश्वसनीयता मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है जो मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियानों के लिए आवश्यक होते हैं। यह एलवीएम-3 रॉकेट के कोर स्टेज का प्रमुख हिस्सा है, जो प्रक्षेपण के दौरान स्थिर प्रणोदन (propulsion) सुनिश्चित करता है। इस इंजन की डिलीवरी गगनयान कार्यक्रम की निर्धारित समय-सीमा को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है और आगामी मानव रहित तथा मानवयुक्त उड़ान परीक्षणों की नींव रखती है।

गगनयान कार्यक्रम की प्रगति

गगनयान का पहला मानव रहित परीक्षण उड़ान अगले वर्ष की शुरुआत में प्रस्तावित है। इस उड़ान के माध्यम से क्रू एस्केप सिस्टम, उड़ान स्थिरता और मॉड्यूल रिकवरी जैसे महत्वपूर्ण तंत्रों का परीक्षण किया जाएगा। यदि सब कुछ नियोजित रूप से सफल रहा, तो इसरो 2027 तक तीन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को पूरी तरह स्वदेशी रॉकेट प्रणाली के माध्यम से निम्न पृथ्वी कक्षा (Low Earth Orbit) में भेजने का लक्ष्य रखता है। इस सफलता के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा जिनके पास स्वतंत्र मानव अंतरिक्ष उड़ान की क्षमता है।

भारत के अंतरिक्ष तंत्र में गोडरेज की भूमिका

गोडरेज एयरोस्पेस पिछले चार दशकों से भारत के अंतरिक्ष अभियानों का अभिन्न हिस्सा रहा है। कंपनी ने चंद्रयान मिशन, निसार (NISAR) पृथ्वी अवलोकन परियोजना और अन्य महत्वपूर्ण अभियानों के लिए इंजन व सटीक घटक (precision components) तैयार किए हैं। कंपनी के नेतृत्व ने इस डिलीवरी को राष्ट्रीय गौरव का विषय बताया और इसरो तथा लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर के साथ अपने दीर्घकालिक सहयोग को पुनः सुदृढ़ किया।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • एलवीएम-3 भारत का सबसे भारी प्रक्षेपण रॉकेट है और गगनयान मिशन के लिए मुख्य लॉन्च वाहन है।
  • विकस इंजन एक तरल ईंधन (liquid-fuelled) इंजन है, जिसका विकास 1970 के दशक में फ्रांसीसी सहयोग से किया गया था।
  • गगनयान का उद्देश्य तीन सदस्यीय भारतीय दल को तीन दिनों तक निम्न पृथ्वी कक्षा में भेजना है।
  • इस मिशन की सफलता के बाद भारत स्वतंत्र मानव अंतरिक्ष उड़ान करने वाला चौथा देश बनेगा।

भारत के मानव अंतरिक्ष अभियान का अगला चरण

ह्यूमन-रेटेड इंजन की डिलीवरी के साथ ही इसरो अब एल110 स्टेज को एकीकृत (integrate) कर परीक्षणों की तैयारी में जुट गया है। इसके साथ ही अंतरिक्ष यात्रियों का प्रशिक्षण, जीवन-समर्थन प्रणालियों का परीक्षण और मॉड्यूल रिकवरी जैसी प्रक्रियाएँ भी समानांतर रूप से चल रही हैं। गगनयान मिशन न केवल भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है, बल्कि यह देश की अंतरिक्ष आकांक्षाओं को नई ऊँचाई देने वाला ऐतिहासिक पड़ाव साबित होगा।

Originally written on November 13, 2025 and last modified on November 13, 2025.

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