गंगासागर को मुख्य भूमि से जोड़ेगा नया पुल: सुंदरबन क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की बड़ी पहल
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में मुरिगंगा नदी पर प्रस्तावित 5 किलोमीटर लंबे पुल की आधारशिला रखी। यह पुल सागर द्वीप को मुख्य भूमि से जोड़ेगा और सुंदरबन क्षेत्र के लिए यह एक ऐतिहासिक बुनियादी ढांचा परियोजना मानी जा रही है। यह पुल न केवल स्थानीय निवासियों के लिए बल्कि तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए भी यात्रा को आसान बनाएगा।
परियोजना की विशेषताएँ और महत्व
इस चार लेन वाले पुल का निर्माण काकद्वीप के लॉट 8 को सागर द्वीप के कचुबेरिया से जोड़ेगा। अनुमानित लागत ₹1,670 करोड़ है और इसका निर्माण कार्य प्रतिष्ठित कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) को सौंपा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुल अगले दो से तीन वर्षों में पूरा कर लिया जाएगा।
फिलहाल सागर द्वीप तक पहुँचने के लिए मुरिगंगा नदी पार करने के लिए नौका सेवा पर निर्भर रहना पड़ता है। पुल बन जाने के बाद यह निर्भरता समाप्त होगी और यात्रा अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और समय-संवेदनशील हो जाएगी।
गंगासागर मेला और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
सागर द्वीप सुंदरबन द्वीपसमूह का सबसे बड़ा द्वीप है, जहाँ प्रत्येक वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर प्रसिद्ध गंगासागर मेला आयोजित होता है। यह स्थल वह माना जाता है जहाँ गंगा नदी बंगाल की खाड़ी से मिलती है, और यहाँ कपिल मुनि का प्राचीन मंदिर भी स्थित है।
हर साल लाखों श्रद्धालु यहाँ पवित्र स्नान के लिए आते हैं। यह पुल न केवल तीर्थयात्रियों की यात्रा को सरल बनाएगा बल्कि भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं और व्यापारिक गतिविधियों में भी सहायक सिद्ध होगा। पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय व्यापार, आवागमन और जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है।
सुंदरबन क्षेत्र में व्यापक विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2011 से अब तक दक्षिण 24 परगना जिले में 37 छोटे-बड़े पुलों का निर्माण कराया गया है। बक्खाली तक की कनेक्टिविटी में भी सुधार हुआ है, जहाँ हतानिया-डोनिया नदी पर पुल बनाए गए हैं।
इसके अलावा, सागर द्वीप तक बिजली पहुँचाई जा चुकी है और प्रशासनिक कार्यों को बेहतर बनाने के लिए एक अलग सुंदरबन पुलिस जिला भी गठित किया गया है। ये सभी उपाय क्षेत्रीय विकास और सुरक्षा को मजबूती प्रदान करते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सागर द्वीप, सुंदरबन डेल्टा का सबसे बड़ा द्वीप है।
- गंगासागर मेला प्रतिवर्ष मकर संक्रांति पर आयोजित होता है।
- मुरिगंगा नदी सागर द्वीप को मुख्य भूमि से अलग करती है।
- सुंदरबन क्षेत्र एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है और विश्व की सबसे बड़ी मैंग्रोव पारिस्थितिकी प्रणालियों में से एक है।
केंद्र-राज्य संबंध और जनकल्याणकारी घोषणाएँ
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने इस परियोजना को केंद्र सरकार से कई अनुरोधों के बावजूद स्वीकृति न मिलने पर स्वयं उठाया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार ने कुंभ मेले के लिए वित्तीय सहायता दी, परंतु गंगासागर मेले के लिए कोई अनुदान नहीं दिया गया।
अपने दौरे के दौरान उन्होंने भारत सेवाश्रम संघ में श्रद्धालुओं से संवाद किया और मेला के दौरान किसी नागरिक या सरकारी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि राज्य सरकार के कार्यभार संभालने के बाद गंगासागर यात्रा पर लगाया गया कर हटा दिया गया था।
यह पुल परियोजना न केवल भौगोलिक दूरी को पाटेगी, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी एक सेतु का कार्य करेगी, जो सुंदरबन क्षेत्र के भविष्य को नई दिशा देगी।