क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (UDAN) में ‘सबसे सक्रिय राज्य’ बना उत्तर प्रदेश: नागरिक उड्डयन और लॉजिस्टिक्स में अग्रणी भूमिका
उत्तर प्रदेश को क्षेत्रीय संपर्क योजना (RCS)–UDAN के तहत गैर-प्राथमिकता श्रेणी (Non-Priority Area) में ‘Most Proactive State’ का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। यह सम्मान राज्य सरकार की नागरिक उड्डयन में सक्रिय नीति पहल, क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने और छोटे शहरों को बड़े शहरी केंद्रों से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयासों को मान्यता देता है।
संपर्क आधारित विकास को मिली राष्ट्रीय मान्यता
यह पुरस्कार उन राज्यों को प्रदान किया जाता है जो पर्वतीय क्षेत्र या उत्तर-पूर्वी क्षेत्र का हिस्सा नहीं हैं, जिससे यह उपलब्धि और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अधिकारियों ने इसे उत्तर प्रदेश की उड्डयन यात्रा में एक मील का पत्थर बताया, जिसमें केंद्र और राज्य के बीच समन्वय, नए रूट्स का संचालन, बुनियादी ढांचे का उन्नयन, और एयरलाइनों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने जैसे तत्व शामिल हैं।
यात्रियों की संख्या में तीव्र वृद्धि
हवाई कनेक्टिविटी में सुधार का प्रभाव यात्री संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि के रूप में देखा गया है:
- 2016 में 59.97 लाख से बढ़कर
- 2024 में 1.28 करोड़, और
- 2025 में 1.55 करोड़ से अधिक
यह वृद्धि मुख्यतः घरेलू हवाई यात्रा के कारण हुई है, जो अब अधिक सुलभ और किफायती बन चुकी है। व्यापार, पर्यटन और व्यक्तिगत यात्रा की मांग में तेजी इसके पीछे प्रमुख कारण है।
एयर कार्गो में वृद्धि और आर्थिक प्रभाव
यात्रियों के साथ-साथ एयर कार्गो मूवमेंट में भी तेजी आई है:
- 2016 में 5,895 मीट्रिक टन से बढ़कर
- 2024 में 27,998 मीट्रिक टन, और
- 2025 में 29,761 मीट्रिक टन
यह 17.58% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) को दर्शाता है। इससे कृषि उत्पादों, MSMEs, और निर्यात-उन्मुख उद्योगों के लिए सप्लाई चेन मज़बूत हुई है, विशेष रूप से नाशवान और उच्च मूल्य वाले उत्पादों के लिए।
खबर से जुड़े जीके तथ्य:
- RCS–UDAN योजना का उद्देश्य क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाना और हवाई यात्रा को किफायती बनाना है।
- Non-Priority Area श्रेणी में वे राज्य आते हैं जो पहाड़ी या उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में नहीं आते।
- UDAN के तहत अंडरसर्व्ड और अनसर्व्ड हवाई अड्डों को प्राथमिकता दी जाती है।
- एयर कार्गो वृद्धि MSME, कृषि, और निर्यात को समर्थन देती है।
उड्डयन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभरता उत्तर प्रदेश
नए और क्षेत्रीय हवाई अड्डों के विकास ने उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख उड्डयन केंद्र के रूप में सशक्त किया है। जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (निर्माणाधीन) जैसे परियोजनाएं राज्य की यात्री और कार्गो संभालने की क्षमता को कई गुना बढ़ाने वाली हैं।
मौजूदा हवाई अड्डों और आगामी परियोजनाओं के सम्मिलन से उत्तर प्रदेश अब उत्तरी भारत के नागरिक उड्डयन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का केंद्रीय केंद्र (Central Node) बनता जा रहा है, जो राज्य के आर्थिक विकास और वैश्विक संपर्क को नई दिशा देगा।