कोयंबटूर में प्रधानमंत्री मोदी करेंगे दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि सम्मेलन का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 नवंबर को कोयंबटूर पहुंचकर कोडिसिया ट्रेड फेयर कॉम्प्लेक्स में आयोजित “दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि सम्मेलन” (South India Natural Farming Summit) का उद्घाटन करेंगे। यह सम्मेलन दक्षिण भारत में प्राकृतिक और जैविक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने का एक प्रमुख मंच माना जा रहा है, जिसमें वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं और किसान संगठनों की व्यापक भागीदारी होगी।
सम्मेलन के उद्देश्य और प्रमुख विषय
इस तीन दिवसीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करना, मिट्टी की गुणवत्ता सुधारना और रासायनिक खादों पर निर्भरता घटाना है। आयोजकों का लक्ष्य दक्षिण भारत की विविध जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप टिकाऊ कृषि मॉडल प्रस्तुत करना है। कार्यक्रम में तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिनसे व्यावसायिक कृषकों के साथ-साथ लघु एवं सीमांत किसानों को भी लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री की सहभागिता और कार्यक्रम
प्रधानमंत्री मोदी उद्घाटन सत्र में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे और जैविक एवं प्राकृतिक कृषि क्षेत्र के लगभग 50 वैज्ञानिकों से बातचीत करेंगे। उनका कार्यक्रम संक्षिप्त रहेगा वे दोपहर के समय कोयंबटूर पहुंचेंगे और उद्घाटन के बाद दिल्ली के लिए रवाना होंगे। यह सहभागिता भारत में टिकाऊ कृषि प्रणाली को प्रोत्साहन देने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
सम्मेलन की प्रमुख विशेषताएँ
तीन दिवसीय इस आयोजन में 300 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें जैव-इनपुट, कृषि नवाचार तकनीकें और प्राकृतिक खेती से जुड़े उपकरण प्रदर्शित होंगे। लाइव डेमो, विशेषज्ञ व्याख्यान और युवाओं के लिए विशेष गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इस बार महिला किसानों और कृषि उद्यमियों की भागीदारी पर भी विशेष ध्यान दिया गया है ताकि उन्हें प्राकृतिक खेती में अधिक अवसर मिल सकें।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सम्मेलन का उद्घाटन 19 नवंबर को कोयंबटूर में होगा।
- आयोजन स्थल कोडिसिया ट्रेड फेयर कॉम्प्लेक्स है।
- प्रधानमंत्री 50 कृषि वैज्ञानिकों से संवाद करेंगे।
- कार्यक्रम में 300 से अधिक स्टॉल और लाइव प्रदर्शन शामिल होंगे।
सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारी
प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए कोयंबटूर पुलिस ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए हैं। लगभग 3,000 पुलिसकर्मी शहर के प्रमुख स्थलों, विशेषकर सम्मेलन स्थल और उसके आसपास के क्षेत्रों में तैनात किए जाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण कर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन की समीक्षा की है।