कोच्चि में होगा अंतरराष्ट्रीय मसाला सम्मेलन 2026: भारत फिर बना वैश्विक मसाला व्यापार का केंद्र
भारत एक बार फिर वैश्विक मसाला उद्योग के केंद्र में आ गया है, क्योंकि कोच्चि 23 से 26 फरवरी 2026 तक 9वें अंतरराष्ट्रीय मसाला सम्मेलन (ISC 2026) की मेजबानी करेगा। अखिल भारतीय मसाला निर्यातक मंच (AISEF) द्वारा आयोजित यह चार दिवसीय आयोजन नीतिनिर्माताओं, निर्यातकों, शोधकर्ताओं और नवाचारकर्ताओं को एक मंच पर लाएगा ताकि मसाला उद्योग के भविष्य की दिशा पर मंथन किया जा सके।
वैश्विक मसाला संवाद का मंच
“Spice 360 – Getting Future Ready” थीम के तहत आयोजित यह सम्मेलन बदलते व्यापार परिदृश्य, जलवायु संकट और उपभोक्ता प्राथमिकताओं में हो रहे बदलावों को ध्यान में रखते हुए समग्र विकास के दृष्टिकोण पर केंद्रित होगा। ISC वर्षों से फार्म-स्तर से लेकर वैश्विक बाजारों तक मसाला मूल्य श्रृंखला के विभिन्न पक्षों के बीच सहयोग का एक अंतरराष्ट्रीय मंच बन चुका है।
नेतृत्व, नवाचार और वैश्विक संवाद
सम्मेलन का उद्घाटन भारत सरकार के पूर्व G20 शेरपा और नीति आयोग के पूर्व CEO अमिताभ कांत द्वारा किया जाएगा, जो “कृषि उद्योग में परिवर्तन: नवाचार, समावेशन और वैश्विक नेतृत्व” विषय पर मुख्य भाषण देंगे। अतिथि विशेष के रूप में ओटेरा के CEO मार्टिन सॉनटैग हिस्सा लेंगे, जो खाद्य और पोषण के अगले दशक को जिम्मेदारी, भरोसे और सहयोग के माध्यम से आकार देने पर बोलेंगे।
केरल: ऐतिहासिक विरासत और समकालीन प्रासंगिकता
AISEF के चेयरमैन इमैनुएल नांबुस्सेरिल ने बताया कि केरल में सम्मेलन की मेजबानी ऐतिहासिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह राज्य सदियों से वैश्विक मसाला व्यापार का केंद्र रहा है। वर्तमान में वैश्विक व्यापार में अस्थिरता को देखते हुए ISC 2026 का उद्देश्य मसाला क्षेत्र के लिए नए विकास, लचीलापन और स्थिरता के मार्ग तलाशना है। AISEF के उपाध्यक्ष निश्चेष शाह ने भी इस बात पर जोर दिया कि सम्मेलन की थीम उद्योग को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार रहने की सामूहिक जिम्मेदारी की याद दिलाती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- केरल प्राचीन काल से वैश्विक मसाला व्यापार का एक प्रमुख केंद्र रहा है।
- भारत दुनिया का सबसे बड़ा मसालों का उत्पादक और निर्यातक देशों में से एक है।
- AISEF भारतीय मसाला मूल्य श्रृंखला के निर्यातकों का प्रतिनिधित्व करता है।
- मूल्य-वर्धित मसाला उत्पाद निर्यात वृद्धि के लिए प्रमुख फोकस क्षेत्र हैं।
बाजारों, फसलों और आपूर्ति श्रृंखला पर विशेष फोकस
ISC 2026 ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक व्यापार में हालिया व्यवधानों के चलते भारतीय निर्यातक नए बाजारों की ओर बढ़ रहे हैं और ASEAN जैसे क्षेत्रों के साथ साझेदारी को सशक्त बना रहे हैं। सम्मेलन में “क्रॉप्स एंड मार्केट्स” सत्र एक मुख्य आकर्षण होंगे, जिसमें हल्दी, अदरक, जीरा, मिर्च, काली मिर्च, भूमध्यसागरीय जड़ी-बूटियों, चीनी मसालों और निर्जलित उत्पादों पर आधारित उत्पादन आउटलुक और बाजार विश्लेषण साझा किए जाएंगे।
ISC 2026 न केवल भारत की मसाला शक्ति को वैश्विक मंच पर पुनः स्थापित करेगा, बल्कि उद्योग को भविष्य की आपूर्ति श्रृंखला में नवाचार, रणनीति और सहयोग के साथ आगे बढ़ने के लिए एक नया दृष्टिकोण भी देगा।