कैरेबियाई सागर में अमेरिका का नया सैन्य अभियान: ‘ऑपरेशन सदर्न स्पीयर’
अमेरिका ने कैरेबियाई क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपने अभियान को तेज करते हुए ‘ऑपरेशन सदर्न स्पीयर’ की घोषणा की है। यह कदम वाशिंगटन की मादक पदार्थ विरोधी रणनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है, जिसके तहत अमेरिकी नौसेना ने समुद्री निगरानी और हमले की क्षमताओं को बढ़ाया है।
नवीनतम कार्रवाई और समुद्री हमले
पेंटागन के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि अमेरिकी बलों ने हाल ही में कैरेबियाई सागर में एक जहाज पर हमला किया, जो कथित रूप से ड्रग तस्करी में शामिल था। इस कार्रवाई में जहाज पर सवार चार व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। यह सितंबर से अब तक की लगभग 20वीं समुद्री कार्रवाई थी, जिसमें 21 जहाज नष्ट किए जा चुके हैं और 80 से अधिक लोगों की मौत हुई है। इन हमलों का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सक्रिय मादक तस्करी नेटवर्क को तोड़ना बताया गया है।
ऑपरेशन सदर्न स्पीयर के उद्देश्य
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस अभियान की घोषणा करते हुए कहा कि इसका लक्ष्य “नार्को-टेररिस्ट नेटवर्क” को समाप्त करना है, जो कैरेबियाई क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने इसे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और जनस्वास्थ्य की रक्षा से जुड़ा अभियान बताया। इस मिशन के तहत अमेरिका ने अपने प्रमुख नौसैनिक संसाधन जैसे USS Gerald R. Ford को तैनात किया है, जिससे समुद्री नियंत्रण और खुफिया निगरानी को मजबूत किया जा सके।
रणनीतिक विस्तार और भू-राजनीतिक चिंताएँ
सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी सैन्य योजनाकार इस अभियान का दायरा वेनेजुएला तक बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। हाल में वरिष्ठ अधिकारियों ने संभावित स्थलीय हमलों के विकल्प प्रस्तुत किए हैं, हालांकि इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। यह स्थिति क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकती है और अंतरराष्ट्रीय कानून के संदर्भ में नए विवाद खड़े कर सकती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ‘ऑपरेशन सदर्न स्पीयर’ के तहत अमेरिका ने सितंबर से अब तक 20 से अधिक समुद्री हमले किए हैं।
- इस अभियान में USS Gerald R. Ford जैसे प्रमुख युद्धपोत शामिल हैं।
- अब तक अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में 80 से अधिक लोगों की मौत हुई है।
- यह अभियान सदर्न कमांड के अधीन संचालित हो रहा है, जिसके प्रमुख नौसेना एडमिरल एल्विन होल्सी हैं।
ऑपरेशन सदर्न स्पीयर अमेरिकी रक्षा नीति की उस दिशा को दर्शाता है, जहां समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और मादक तस्करी के खिलाफ सख्त सैन्य उपायों को प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि, इसके कानूनी और मानवीय पहलुओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है, जिससे यह अभियान आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण वैश्विक विषय बन सकता है।