कैमरून में राजनीतिक अशांति: राष्ट्रपति पॉल बिया की आठवीं जीत के बाद देश में तनाव
कैमरून में राष्ट्रपति पॉल बिया की आठवीं बार पुनर्निर्वाचन की घोषणा के बाद व्यापक विरोध और हिंसा की लहर फैल गई है। देश के कई प्रमुख शहरों में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं, जिसके चलते सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया और कई जानें गईं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने कैमरून की राजनीतिक स्थिरता और मानवाधिकार स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है।
मौतों और गिरफ्तारियों की सरकारी पुष्टि
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हिंसक झड़पों में 16 लोगों की मौत हुई है और 800 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 13 मौतें दुआला (Douala) शहर में हुईं, जो देश का आर्थिक केंद्र है, जबकि तीन लोगों की मौत उत्तर क्षेत्र (North Region) में दर्ज की गई। यह पहली बार है जब सरकार ने आधिकारिक रूप से इन घटनाओं में हताहतों की पुष्टि की है।
विपक्ष और मानवाधिकार संगठनों का विरोध
विपक्षी दलों और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने सरकार के इन आंकड़ों को चुनौती दी है। ह्यूमन राइट्स वॉच (Human Rights Watch) का कहना है कि वास्तविक मृतकों की संख्या कम से कम 55 हो सकती है। संगठन ने सुरक्षा बलों पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ह्यूमन राइट्स वॉच के अनुसार, यह कार्रवाई कैमरून में बढ़ते राजनीतिक दमन के संकेत देती है।
विवादित चुनाव परिणामों के बाद भड़के प्रदर्शन
यह विरोध प्रदर्शन 12 अक्टूबर 2025 के चुनाव परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद शुरू हुए। विपक्षी गढ़ों दुआला, मारुआ (Maroua) और गरुआ (Garoua) में हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर परिणामों की वैधता को चुनौती दी। विपक्षी नेता इसा त्चीरोमा बकरी (Issa Tchiroma Bakary) ने खुद को विजेता घोषित किया और जनता से आधिकारिक परिणामों को अस्वीकार करने का आह्वान किया, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई।
शासन और राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंताएँ
92 वर्षीय राष्ट्रपति पॉल बिया दुनिया के सबसे उम्रदराज मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष हैं और 1982 से कैमरून पर शासन कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि उनकी लंबी सत्ता ने देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया है और राजनीतिक असंतोष को बढ़ावा दिया है।अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक देश की स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं, जबकि विपक्ष की ओर से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग लगातार उठ रही है। कैमरून का यह संकट न केवल उसकी आंतरिक स्थिरता को चुनौती दे रहा है, बल्कि मध्य अफ्रीका के क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों पर भी असर डाल सकता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- राष्ट्रपति पॉल बिया ने अक्टूबर 2025 में आठवीं बार जीत दर्ज की।
- सरकारी आंकड़ों के अनुसार 16 मौतें और 800 से अधिक गिरफ्तारियाँ हुईं।
- ह्यूमन राइट्स वॉच के अनुसार मृतकों की संख्या लगभग 55 है।
- पॉल बिया 1982 से सत्ता में हैं और दुनिया के सबसे लंबे समय से शासन करने वाले नेताओं में शामिल हैं।
कैमरून की यह राजनीतिक उथल-पुथल न केवल सरकार और विपक्ष के बीच विश्वास के संकट को उजागर करती है, बल्कि देश में लोकतंत्र और मानवाधिकारों की वास्तविक स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। आने वाले महीनों में यह देखा जाएगा कि क्या सरकार संवाद और सुधार की दिशा में कोई ठोस कदम उठाती है या असंतोष का यह सिलसिला और गहराता है।