कैंसर कोशिकाएं कैसे बदल देती हैं शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली: एक नई वैज्ञानिक खोज
एक हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने यह चौंकाने वाला खुलासा किया है कि कैंसर कोशिकाएं शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को इस प्रकार ‘रीप्रोग्राम’ कर सकती हैं कि वही प्रतिरक्षा कोशिकाएं कैंसर के विकास को बढ़ावा देने लगती हैं। यह खोज न केवल कैंसर के विकास की गहराई से व्याख्या करती है, बल्कि इसके निदान और व्यक्तिगत इलाज की दिशा में नई संभावनाएं भी खोलती है।
न्यूट्रोफिल्स: रक्षक से कैंसर के सहायक तक
University of Geneva और Ludwig Institute for Cancer Research के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए इस शोध का केंद्रबिंदु न्यूट्रोफिल्स थे, जो मानव शरीर में सबसे अधिक मात्रा में पाई जाने वाली श्वेत रक्त कोशिकाएं हैं। सामान्यतः न्यूट्रोफिल्स संक्रमण और चोट के विरुद्ध पहली रक्षा पंक्ति होती हैं, लेकिन जब ये कैंसर ट्यूमर के संपर्क में आती हैं, तो उनकी कार्यप्रणाली में बदलाव आ जाता है और वे कैंसर को बढ़ावा देने लगती हैं।
CCL3: ट्यूमर वृद्धि में सहायक प्रमुख अणु
यह शोध Cancer Cell पत्रिका में प्रकाशित हुआ है और इसमें यह पाया गया कि CCL3 नामक एक रसायन (केमोकिन) कैंसर-प्रभावित न्यूट्रोफिल्स द्वारा निर्मित होता है। यह रसायन ट्यूमर के विकास को तेज करता है और कैंसर की प्रगति का एक जैविक संकेतक (बायोमार्कर) भी हो सकता है। मुख्य शोधकर्ता मिकाएल पिटेट के अनुसार, इस प्रकार के अणुओं की पहचान यह समझने में मदद कर सकती है कि कुछ ट्यूमर अत्यधिक आक्रामक क्यों होते हैं।
आनुवंशिक नियंत्रण से बदला न्यूट्रोफिल्स का व्यवहार
शोधकर्ताओं ने जब विशेष रूप से न्यूट्रोफिल्स में CCL3 जीन को निष्क्रिय किया, तो पाया कि ये कोशिकाएं अपने कैंसर-पोषक व्यवहार को खो बैठीं। आश्चर्यजनक रूप से, उनके सामान्य प्रतिरक्षा कार्य प्रभावित नहीं हुए। वे रक्त में घूमने और ट्यूमर तक पहुंचने में सक्षम रहीं, लेकिन अब वे नुकसानदायक भूमिका नहीं निभा रही थीं। इससे यह स्पष्ट होता है कि CCL3 न केवल ट्यूमर वृद्धि का कारण है, बल्कि यह एक संभावित उपचार लक्ष्य भी बन सकता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- न्यूट्रोफिल्स मानव शरीर की सबसे अधिक संख्या वाली श्वेत रक्त कोशिकाएं हैं।
- CCL3 एक प्रकार का केमोकिन है, जो प्रतिरक्षा कोशिकाओं की गति और गतिविधियों को नियंत्रित करता है।
- ट्यूमर का माइक्रोएनवायरनमेंट प्रतिरक्षा कोशिकाओं के व्यवहार को बदल सकता है।
- बायोमार्कर कैंसर की प्रगति और उपचार प्रतिक्रिया के मूल्यांकन में सहायक होते हैं।
व्यक्तिगत कैंसर उपचार की दिशा में एक कदम
शोधकर्ताओं ने कई स्वतंत्र अध्ययनों का पुन: विश्लेषण करते हुए सुझाव दिया है कि ट्यूमर की प्रगति कुछ सीमित जैविक तत्वों द्वारा संचालित होती है। यदि इन प्रमुख कारकों की सही पहचान की जा सके, तो चिकित्सक न केवल रोग की दिशा को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे, बल्कि प्रत्येक मरीज़ के लिए अधिक प्रभावी और व्यक्तिगत उपचार योजना भी बना सकेंगे।
यह खोज कैंसर अनुसंधान के क्षेत्र में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है, जहाँ शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को ही सहयोगी बनाकर कैंसर के खिलाफ नई रणनीति तैयार की जा सके।