केंद्र सरकार ने पेंशन नियमों में किया बड़ा बदलाव, बेटियों का नाम अनिवार्य

केंद्र सरकार ने पेंशन नियमों में किया बड़ा बदलाव, बेटियों का नाम अनिवार्य

केंद्र सरकार ने पेंशन से जुड़ी दस्तावेज़ी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण सुधार करते हुए सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के परिवार रिकॉर्ड में सभी बेटियों के नाम दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है। यह निर्देश पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा जारी किया गया है, जिसका उद्देश्य है सही लाभार्थियों को सुनिश्चित करना और भविष्य में पेंशन वितरण को पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाना।

पारिवारिक अभिलेखों में नाम दर्ज करना अब अनिवार्य

नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब केंद्रीय सेवाओं में कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पारिवारिक विवरणों में सभी बेटियों के नाम दर्ज करना आवश्यक होगा। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि पेंशनर या पारिवारिक पेंशन प्राप्तकर्ता के जीवित रहने तक इन नामों को हटाया नहीं जा सकेगा। यह स्पष्टीकरण उन बार-बार उठने वाले प्रश्नों के उत्तर में दिया गया है, जिनमें पूछा जाता था कि क्या सेवानिवृत्ति के बाद बेटी का नाम हटाया जा सकता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में ऐसा नहीं किया जा सकता।

नए निर्देश का उद्देश्य

इस संशोधित नियम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वैध लाभार्थियों को पेंशन से वंचित न किया जाए और परिवार से संबंधित अभिलेख पूर्ण तथा अद्यतन रहें। अधिकारियों के अनुसार, सही दस्तावेज़ीकरण से पेंशनर के निधन के बाद पेंशन प्रक्रिया में देरी नहीं होती। परिवारिक पेंशन की पात्रता का निर्धारण बाद में नियमों के अनुसार किया जाएगा, लेकिन नाम का रिकॉर्ड में बने रहना अनिवार्य रहेगा।

सीसीएस (पेंशन) नियम, 2021 का नियम 50(15)

नियम 50(15) के अंतर्गत प्रत्येक सरकारी कर्मचारी को सेवा में शामिल होते समय अपने परिवार के संपूर्ण विवरण प्रस्तुत करने होते हैं और समय-समय पर उन्हें अद्यतन करना होता है। इस सूची में पति/पत्नी, सभी बच्चे, माता-पिता और विकलांग भाई-बहन शामिल होते हैं, चाहे वे तत्काल पेंशन के पात्र हों या नहीं। इन विवरणों को फॉर्म 4 (Form 4) के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है और परिवार में किसी भी परिवर्तन की स्थिति में इसे संशोधित करना आवश्यक होता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • अब सभी बेटियों के नाम परिवार पेंशन रिकॉर्ड में स्थायी रूप से दर्ज रहेंगे।
  • नियम 50(15) के अनुसार प्रत्येक सरकारी कर्मचारी को पूरा पारिवारिक विवरण देना आवश्यक है।
  • फॉर्म 4 वह आधिकारिक दस्तावेज़ है जिसमें पारिवारिक जानकारी दर्ज या अद्यतन की जाती है।
  • पेंशन पात्रता का निर्धारण पेंशनर के निधन के बाद ही नियमों के अनुसार किया जाएगा।

पेंशन प्रक्रिया पर प्रभाव

यह नया नियम सरकारी विभागों में दस्तावेज़ी व्यवस्था को अधिक सशक्त बनाता है। सटीक और अद्यतन पारिवारिक अभिलेख न केवल भविष्य के विवादों को कम करेंगे बल्कि लाभार्थियों की पहचान में पारदर्शिता भी सुनिश्चित करेंगे। इससे पेंशन वितरण प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और परिवारों को पेंशन लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक विलंब से मुक्ति मिलेगी।

Originally written on November 13, 2025 and last modified on November 13, 2025.

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