केंद्र सरकार की नई परियोजना निगरानी प्रणाली ‘PAIMANA’ शुरू: ₹150 करोड़ से अधिक लागत वाली केंद्रीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर निगरानी अब अधिक प्रभावी
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने ₹150 करोड़ और उससे अधिक लागत वाली केंद्रीय क्षेत्र की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी के लिए PAIMANA पोर्टल (Project Assessment, Infrastructure Monitoring & Analytics for Nation-building) को सक्रिय कर दिया है। यह नई वेब-आधारित प्रणाली पूर्ववर्ती OCMS-2006 की जगह लेती है और परियोजना ट्रैकिंग में एक महत्वपूर्ण डिजिटल उन्नयन का संकेत देती है।
एकीकृत, डेटा-संचालित निगरानी प्रणाली
PAIMANA को “One Data, One Entry” सिद्धांत पर विकसित किया गया है और यह उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) के Integrated Project Monitoring Portal (IPMP) से API के माध्यम से एकीकृत है। इससे केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों से डेटा स्वतः प्रवाहित होता है, जिससे मैन्युअल एंट्री में कमी आती है।
वर्तमान में लगभग 60% परियोजनाओं की जानकारी स्वतः अपडेट हो रही है, जिससे मानकीकरण, सटीकता और कार्यकुशलता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
परियोजनाओं का पैमाना और प्रगति
दिसंबर 2025 तक, 1,392 चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाएं (संशोधित लागत ₹35.10 लाख करोड़) 17 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के अंतर्गत PAIMANA में शामिल की गई हैं। इन परियोजनाओं पर अब तक ₹19.01 लाख करोड़ व्यय हो चुका है, जो कुल लागत का 54.1% है।
- लगभग ⅓ परियोजनाएं 80% से अधिक भौतिक प्रगति प्राप्त कर चुकी हैं।
- करीब 16% परियोजनाएं 80% से अधिक वित्तीय प्रगति के स्तर पर हैं, जो कई परियोजनाओं के पूर्णता के करीब होने का संकेत देती है।
प्रमुख क्षेत्र और मंत्रालय
परिवहन और लॉजिस्टिक्स परियोजनाएं कुल परियोजना संख्या और लागत दोनों के लिहाज से सबसे बड़ी श्रेणी हैं:
- 896 परियोजनाएं, संशोधित लागत ₹17.70 लाख करोड़।
- परिवहन मंत्रालय (MoRTH) के पास सबसे अधिक परियोजनाएं हैं।
- जबकि रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) कुल लागत में सबसे बड़ा हिस्सा रखता है।
इसके बाद ऊर्जा, संचार, जल और स्वच्छता, और सामाजिक अवसंरचना जैसे क्षेत्र आते हैं, जो समग्र लेकिन कनेक्टिविटी-केंद्रित विकास को दर्शाते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य:
- PAIMANA पोर्टल ने OCMS-2006 प्रणाली की जगह ली है।
- यह ₹150 करोड़ से अधिक की केंद्रीय क्षेत्र की परियोजनाओं की निगरानी करता है।
- पोर्टल DPIIT के IPMP पोर्टल से API के माध्यम से जुड़ा हुआ है।
- परिवहन और लॉजिस्टिक्स परियोजनाएं संख्या और लागत दोनों में सर्वाधिक हैं।
पूर्ण हुई परियोजनाएं और नई प्रविष्टियां
दिसंबर 2025 में 17 परियोजनाएं 100% भौतिक रूप से पूर्ण हुईं, जिनमें कई बिजली और अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं शामिल थीं। इसी महीने 20 नई स्वीकृत परियोजनाएं कार्यान्वयन चरण में आईं और उन्हें PAIMANA में जोड़ा गया, जिनमें रेलवे, शहरी परिवहन, स्वास्थ्य, कोयला और नागरिक उड्डयन क्षेत्र की परियोजनाएं प्रमुख थीं।
यह पहल PAIMANA को एक केंद्रीकृत राष्ट्रीय डैशबोर्ड के रूप में स्थापित करती है, जो प्रमाण-आधारित निर्णय-निर्माण और परियोजना पारदर्शिता को सशक्त बनाती है। इससे भारत की बुनियादी ढांचा रणनीति अधिक सुदृढ़, उत्तरदायी और डेटा-संचालित बनती है।