केंद्रीय भूवैज्ञानिक प्रोग्रामिंग बोर्ड की 65वीं बैठक: भारत के खनिज अन्वेषण और भू-विज्ञान रणनीति की दिशा तय
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) द्वारा आयोजित केंद्रीय भूवैज्ञानिक प्रोग्रामिंग बोर्ड (CGPB) की 65वीं बैठक 21 जनवरी को नई दिल्ली में आयोजित की गई। यह बैठक भारत की भू-विज्ञान और खनिज अन्वेषण नीति को दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है, जिसका आयोजन खनन मंत्रालय के तत्वावधान में किया जाता है।
CGPB की भूमिका: राष्ट्रीय भू-विज्ञान योजना का समन्वय
CGPB भारत में भू-विज्ञान कार्यक्रमों का सर्वोच्च समन्वय मंच है, जहाँ GSI अपना वार्षिक फील्ड सीजन कार्यक्रम (Annual Field Season Programme) प्रस्तुत करता है।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य है:
- देश भर में सर्वेक्षण और अन्वेषण एजेंसियों के बीच सामंजस्य स्थापित करना
- कार्य की पुनरावृत्ति से बचाव
- राज्यों, सार्वजनिक उपक्रमों, निजी क्षेत्र और अन्य एजेंसियों से प्राप्त सुझावों और सहयोग प्रस्तावों पर विचार करना
नेतृत्व और व्यापक भागीदारी
बैठक का आयोजन ICAR, पूसा परिसर स्थित ए.पी. शिंदे संगोष्ठी हॉल में किया गया, जिसकी अध्यक्षता खनन मंत्रालय के सचिव पीयूष गोयल ने की।
इसमें शामिल हुए:
- GSI के महानिदेशक असीत साहा
- अतिरिक्त सचिव संजय लोहिया
- राज्य भू-विज्ञान विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, उद्योग और शिक्षाविदों के प्रतिनिधि
इससे बोर्ड का बहु-हितधारक स्वरूप स्पष्ट होता है।
महत्वपूर्ण खनिजों और उन्नत तकनीकों पर विशेष ध्यान
बैठक में भारत की स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और आत्मनिर्भरता लक्ष्यों की पूर्ति हेतु महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) जैसे:
- लिथियम
- रेयर अर्थ एलिमेंट्स
- ग्रेफाइट
- स्कैण्डियम
- वैनाडियम
के अन्वेषण पर चर्चा की गई।
इसके अलावा, उन्नत तकनीकों को अपनाने पर बल दिया गया, जैसे कि:
- AI और मशीन लर्निंग आधारित डेटा एकीकरण
- भूभौतिकीय सर्वेक्षण
- हाइपरस्पेक्ट्रल रिमोट सेंसिंग
- डीप ड्रिलिंग
- मिनरल सिस्टम स्टडीज
इन तकनीकों से खोज की सफलता दर में वृद्धि की अपेक्षा की जा रही है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- CGPB भारत का भू-विज्ञान कार्यक्रमों का सर्वोच्च समन्वय मंच है।
- GSI अपनी वार्षिक फील्ड सीजन योजना इसी बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करता है।
- महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) स्वच्छ ऊर्जा और रणनीतिक क्षेत्रों के लिए आवश्यक हैं।
- AI, रिमोट सेंसिंग और भूभौतिकी आधुनिक अन्वेषण तकनीकों का हिस्सा हैं।
वार्षिक फील्ड सीजन 2026–27 और आपदा जोखिम न्यूनीकरण
बैठक में GSI ने 2026–27 के फील्ड सीजन कार्यक्रम में शामिल 1,068 सहकर्मी-समीक्षित परियोजनाएं प्रस्तुत कीं, जिनमें शामिल हैं:
- महत्वपूर्ण खनिजों पर अनुसंधान
- कार्बन अनुबन्धन (Carbon Sequestration)
- ऑफशोर अन्वेषण
- सार्वजनिक उपयोग हेतु भू-विज्ञान अध्ययन
साथ ही हिमालय और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में भूस्खलन जोन निर्धारण और ढलान स्थिरता अध्ययन, तथा पूर्व-प्रतिस्पर्धी डेटा साझा ढांचे पर भी चर्चा की गई ताकि नीलामी के लिए तैयार खनिज ब्लॉकों की संख्या बढ़ाई जा सके।
यह बैठक भारत के खनिज संसाधनों के टिकाऊ और रणनीतिक उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण संस्थागत प्रयास का उदाहरण है।