कृषि सखी पहल: महिला किसानों के सशक्तिकरण की दिशा में पहल

कृषि सखी पहल: महिला किसानों के सशक्तिकरण की दिशा में पहल

संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2026 को ‘अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष’ घोषित किए जाने के अनुरूप, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (AIC) ने ‘कृषि सखी पहल’ की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिला किसानों को सशक्त बनाना, कृषि क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाना और समावेशी विकास को बढ़ावा देना है। यह पहल महिला किसानों की भूमिका को मान्यता देने के साथ उन्हें वित्तीय सुरक्षा से जोड़ने का प्रयास करती है।

पहल का उद्देश्य और दृष्टिकोण

कृषि सखी पहल का मुख्य लक्ष्य महिला किसानों को फसल बीमा और वित्तीय सुरक्षा योजनाओं के प्रति जागरूक बनाना है। यह कार्यक्रम महिलाओं को औपचारिक कृषि प्रणाली से जोड़ने, उनकी भागीदारी बढ़ाने और जोखिम प्रबंधन क्षमता को मजबूत करने पर केंद्रित है। इसके माध्यम से महिला किसानों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

मासिक गतिविधियां और कार्यक्रम

इस पहल के तहत वर्षभर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। जनवरी 2026 में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक जागरूकता वीडियो जारी किया गया। फरवरी में ‘#AICforHer’ थीम के तहत एक वॉकाथॉन आयोजित की गई, जिसमें कर्मचारियों ने भाग लेकर महिला किसानों के समर्थन का संदेश दिया। मार्च में ग्रामीण स्तर पर कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें फसल बीमा के लाभों के बारे में जानकारी दी गई।

जागरूकता और समावेशन पर जोर

इस पहल में फसल बीमा के साथ-साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ी जागरूकता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और उनके परिवारों को लक्षित करते हुए विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं। लेख, साक्षात्कार और अन्य माध्यमों से जानकारी साझा कर महिलाओं को कृषि और जोखिम प्रबंधन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • वर्ष 2026 को FAO द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किया गया है।
  • कृषि सखी पहल एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया (AIC) द्वारा शुरू की गई है।
  • यह पहल महिला किसानों में फसल बीमा जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित है।
  • इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में समावेशी विकास को बढ़ावा देना है।

ग्रामीण विकास में महत्व

कृषि सखी पहल ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यह उन्हें वित्तीय सुरक्षा, जानकारी और संसाधनों तक पहुंच प्रदान करती है। इस पहल के माध्यम से न केवल महिला किसानों का सशक्तिकरण होगा, बल्कि टिकाऊ कृषि और ग्रामीण विकास को भी नई दिशा मिलेगी।

Originally written on March 21, 2026 and last modified on March 21, 2026.

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