कावेह मदनी को स्टॉकहोम वाटर प्राइज 2026 से सम्मान
संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय के जल, पर्यावरण और स्वास्थ्य संस्थान (UNU-INWEH) के निदेशक कावेह मदनी को वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित स्टॉकहोम वाटर प्राइज प्रदान किया गया है। इस सम्मान की घोषणा 18 मार्च 2026 को पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में की गई, जबकि पुरस्कार का औपचारिक वितरण अगस्त में स्टॉकहोम में आयोजित वर्ल्ड वाटर वीक के दौरान किया जाएगा। यह पुरस्कार जल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए वैश्विक स्तर पर दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान माना जाता है।
सबसे युवा और विशिष्ट पुरस्कार विजेता
44 वर्ष की आयु में कावेह मदनी इस पुरस्कार के 35 वर्ष के इतिहास में सबसे युवा प्राप्तकर्ता बने हैं। वे पहले ऐसे संयुक्त राष्ट्र अधिकारी और पूर्व राजनेता भी हैं, जिन्हें यह सम्मान मिला है। उन्हें विज्ञान, नीति निर्माण, कूटनीति और जनसंपर्क को एक साथ जोड़ने के लिए विशेष रूप से सराहा गया है, जो अक्सर चुनौतीपूर्ण राजनीतिक परिस्थितियों में किया गया।
जल प्रबंधन में वैज्ञानिक योगदान
कावेह मदनी “वाटर बैंकरप्सी” की अवधारणा के लिए जाने जाते हैं, जो जल संकट को एक अस्थायी समस्या नहीं, बल्कि दीर्घकालिक प्रणालीगत विफलता के रूप में परिभाषित करती है। उन्होंने 2026 में यह तर्क दिया कि विश्व अब “वैश्विक जल दिवालियापन” के दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां कई नदियां और भूजल स्रोत स्थायी रूप से पुनःस्थापित नहीं हो पा रहे हैं। उनके शोध में गेम थ्योरी और निर्णय विज्ञान का उपयोग कर जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और विवाद समाधान के नए तरीके प्रस्तुत किए गए हैं।
राजनीतिक चुनौतियों से भरा करियर
मदनी का करियर राजनीतिक चुनौतियों से भी प्रभावित रहा है। 2017 में ईरान लौटकर उन्होंने जल शासन में सुधार और पारदर्शिता की वकालत की, लेकिन उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। उन पर आरोप लगाए गए, हिरासत में लिया गया और अंततः 2018 में उन्हें देश छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने शोध और कार्य को जारी रखा और संयुक्त राष्ट्र से जुड़ गए।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- स्टॉकहोम वाटर प्राइज जल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिवर्ष दिया जाता है।
- UNU-INWEH संयुक्त राष्ट्र का जल, पर्यावरण और स्वास्थ्य पर केंद्रित संस्थान है।
- “वाटर बैंकरप्सी” दीर्घकालिक जल संसाधन क्षरण को दर्शाता है।
- वर्ल्ड वाटर वीक हर वर्ष स्टॉकहोम, स्वीडन में आयोजित होता है।
कावेह मदनी का कार्य यह दर्शाता है कि वैज्ञानिक अनुसंधान और नीति निर्माण के बीच संतुलन बनाकर वैश्विक समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने जटिल जल मुद्दों को आम जनता तक पहुंचाने और जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका योगदान आने वाले समय में जल संसाधनों के सतत प्रबंधन के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा।