कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा हेतु राष्ट्रीय सम्मेलन: एसएचई-बॉक्स से मिलेगा डिजिटल सशक्तिकरण

कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा हेतु राष्ट्रीय सम्मेलन: एसएचई-बॉक्स से मिलेगा डिजिटल सशक्तिकरण

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय 14 फरवरी 2026 को विज्ञान भवन में ‘कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा (एसएचई-बॉक्स)’ विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करेगा। इस पहल का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षित, सम्मानजनक और उत्पीड़न-मुक्त कार्यस्थलों को सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करना है। साथ ही, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत करना भी इस सम्मेलन का प्रमुख लक्ष्य है।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी, आंतरिक एवं स्थानीय समितियों के प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, उद्योग जगत और नागरिक समाज के सदस्य भाग लेंगे। व्यापक भागीदारी के माध्यम से कार्यस्थल सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 29 अगस्त 2024 को एसएचई-बॉक्स पोर्टल की शुरुआत की थी। यह एक सुरक्षित, बहुभाषी और एकल-विंडो डिजिटल मंच है, जहां महिलाएं गोपनीयता के साथ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकती हैं।

पोर्टल के माध्यम से दर्ज शिकायतें स्वतः संबंधित आंतरिक समिति या स्थानीय समिति को भेज दी जाती हैं। साथ ही, शिकायत की स्थिति को वास्तविक समय में ट्रैक किया जा सकता है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है। यह मंच अनुपालन संसाधन केंद्र के रूप में भी कार्य करता है, जहां संस्थान अपनी समिति की जानकारी, वार्षिक रिपोर्ट और जागरूकता कार्यक्रमों का विवरण अपलोड कर सकते हैं।

सम्मेलन में उद्घाटन सत्र, अनुपालन सुधार पर राष्ट्रीय गोलमेज चर्चा तथा असंगठित क्षेत्र से संबंधित मुद्दों पर विशेष विचार-विमर्श आयोजित किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और बहुपक्षीय संस्थानों के साथ अंतरराष्ट्रीय गोलमेज बैठक में वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा होगी।

कार्यक्रम के दौरान एसएचई-बॉक्स का आधिकारिक लोगो, राष्ट्रव्यापी पीओएसएच प्रशिक्षण वीडियो और जन-जागरूकता सामग्री जारी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, कर्मयोगी भारत मंच पर पीओएसएच प्रशिक्षण मॉड्यूल की विस्तारित उपलब्धता की भी घोषणा की जाएगी। इससे सरकारी अधिकारियों और अन्य हितधारकों की क्षमता निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री द्वारा राष्ट्रीय कार्यस्थल सुरक्षा संकल्प दिलाया जाएगा। इसके बाद उनके मुख्य भाषण में सुरक्षित और समान कार्य वातावरण की आवश्यकता पर बल दिया जाएगा। साथ ही, स्वैच्छिक पीओएसएच अनुपालन चेकलिस्ट जारी की जाएगी, जिससे संस्थानों को सुरक्षा मानकों के प्रति सक्रिय पालन के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

यह पहल न केवल शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ करेगी, बल्कि कार्यस्थलों में सम्मान और समानता की संस्कृति को भी प्रोत्साहित करेगी।

  • एसएचई-बॉक्स पोर्टल 29 अगस्त 2024 को लॉन्च किया गया एकल-विंडो ऑनलाइन शिकायत मंच है।
  • पीओएसएच अधिनियम, 2013 के तहत 10 या अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में आंतरिक समिति अनिवार्य है।
  • स्थानीय समितियां असंगठित क्षेत्र और छोटे प्रतिष्ठानों की शिकायतों का निपटारा करती हैं।
  • कर्मयोगी भारत एक डिजिटल क्षमता निर्माण मंच है, जिसका उद्देश्य प्रशिक्षण और कौशल विकास को बढ़ावा देना है।

यह राष्ट्रीय सम्मेलन कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा को संस्थागत रूप से सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डिजिटल तंत्र, प्रशिक्षण और जागरूकता अभियानों के माध्यम से सरकार सुरक्षित एवं समतामूलक कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। व्यापक सहभागिता और तकनीकी नवाचार के जरिए भारत कार्यस्थल सुरक्षा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर है।

Originally written on February 14, 2026 and last modified on February 14, 2026.

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