काम्या कार्तिकेयन बनीं दक्षिणी ध्रुव तक स्की करने वाली सबसे युवा भारतीय
भारत की 18 वर्षीय साहसी युवती काम्या कार्तिकेयन ने इतिहास रच दिया है। वे दक्षिणी ध्रुव तक स्की करने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय और विश्व की दूसरी सबसे कम उम्र की महिला बन गई हैं। यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत साहस की मिसाल है, बल्कि भारत के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी बन गई है।
ऐतिहासिक दक्षिणी ध्रुव अभियान
काम्या ने 27 दिसंबर 2025 को दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचकर यह साहसिक उपलब्धि हासिल की। इस अभियान के दौरान उन्होंने लगभग 115 किलोमीटर की दूरी स्की और ट्रेकिंग के माध्यम से तय की। अंटार्कटिका की कठोर परिस्थितियों — माइनस 30 डिग्री सेल्सियस तापमान, तेज बर्फीली हवाएं और व्हाइटआउट जैसी स्थितियों — में काम्या ने पूरी यात्रा पैदल और अपने साजो-सामान से भरी स्लेज को खींचते हुए पूरी की। यह अद्वितीय साहसिक अभियान उनके मानसिक संकल्प और शारीरिक दृढ़ता का प्रमाण है।
प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि
काम्या भारतीय नौसेना के अधिकारी कमांडर एस. कार्तिकेयन और शिक्षिका लावण्या कार्तिकेयन की पुत्री हैं। उन्होंने नेवी चिल्ड्रन स्कूल से पढ़ाई की है, जहाँ से उन्हें अनुशासन और साहसिक गतिविधियों की प्रेरणा बचपन से ही मिली। उनके दक्षिणी ध्रुव तक के इस असाधारण प्रयास पर भारतीय नौसेना ने उन्हें सार्वजनिक रूप से बधाई दी है।
किशोरावस्था में पर्वतारोहण की उपलब्धियाँ
काम्या ने 18 वर्ष की आयु से पहले ही पर्वतारोहण की दुनिया में कई रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। 2024 में, मात्र 17 वर्ष की उम्र में उन्होंने सेवन समिट्स चैलेंज पूरा किया, जिसके अंतर्गत सातों महाद्वीपों की सबसे ऊँची चोटियों पर चढ़ाई शामिल है:
- माउंट एवरेस्ट (एशिया)
- अकोंकागुआ (दक्षिण अमेरिका)
- डेनाली (उत्तरी अमेरिका)
- किलीमंजारो (अफ्रीका)
- एल्ब्रुस (यूरोप)
- विंसन (अंटार्कटिका)
- कोज़िअस्को (ऑस्ट्रेलिया)
काम्या माउंट एवरेस्ट पर नेपाल पक्ष से चढ़ाई करने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय और विश्व की दूसरी सबसे युवा महिला भी बनीं। इससे पहले उन्होंने 2020 में अकोंकागुआ और 2018 में एल्ब्रुस पर भी सफल चढ़ाई की थी, एल्ब्रुस से स्की-डिसेंट कर पाना उनके उम्र में एक दुर्लभ उपलब्धि मानी जाती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- दक्षिणी ध्रुव अंटार्कटिका महाद्वीप पर स्थित है।
- सेवन समिट्स सातों महाद्वीपों की सबसे ऊँची पर्वत चोटियों को कहते हैं।
- एक्सप्लोरर ग्रैंड स्लैम में सेवन समिट्स और दोनों ध्रुवों तक स्की यात्रा शामिल होती है।
- प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भारत का बच्चों के लिए सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
एक्सप्लोरर ग्रैंड स्लैम की ओर अग्रसर
काम्या अब एक्सप्लोरर ग्रैंड स्लैम की अंतिम चुनौती के करीब हैं — उत्तरी ध्रुव तक स्की करना। उन्होंने सेवन समिट्स और दक्षिणी ध्रुव दोनों फतह कर लिए हैं। यदि वे उत्तरी ध्रुव तक सफलतापूर्वक स्की करती हैं, तो वह इस वैश्विक कीर्तिमान को पूरा करने वाली सबसे युवा भारतीय बन सकती हैं।
काम्या की यह यात्रा न केवल साहस का प्रतीक है, बल्कि यह भारत के युवा वर्ग में रोमांच, अनुसंधान और धैर्य के नए आयाम खोलती है।